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Bihar election news : राहुल गांधी के खिलाफ बोलना नेता जी को पड़ा महंगा,पहले मिला टिकट अब बदल दिए गए कैंडिडेट;जानिए क्या रही वजह

सुपौल सीट से कांग्रेस ने अनुपम को हटा कर मिन्नत रहमानी को उम्मीदवार घोषित किया। दो साल पुराने विवादित बयानों के बाद पार्टी ने यह बदलाव किया।

Bihar election news : राहुल गांधी के खिलाफ बोलना नेता जी को पड़ा महंगा,पहले मिला टिकट अब बदल दिए गए कैंडिडेट;जानिए क्या रही वजह
Tejpratap
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5 मिनट

Bihar election news : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए कांग्रेस ने सुपौल सीट पर अपने उम्मीदवार में बड़ा बदलाव किया है। पहले पार्टी ने अनुपम को सुपौल से उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन अब उनका नाम हटा दिया गया है और उनके स्थान पर मिन्नत रहमानी को मैदान में उतारा गया है। मिन्नत रहमानी कांग्रेस के लिए एक जाना-माना और अनुभवी चेहरा हैं, जो पहले भी सुपौल से चुनाव लड़ चुके हैं और पार्टी की विश्वसनीयता को मजबूती देने वाले उम्मीदवार माने जाते हैं।


पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव अनुपम द्वारा दो साल पहले किए गए एक विवादित बयान के चलते किया गया। अनुपम ने उस समय सोशल मीडिया पर राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था, "क्यों न राहुल गांधी को ही राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया जाए।" इस ट्वीट के साथ ही अनुपम ने राहुल गांधी की मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर भी विवादित टिप्पणियां की थीं। इन बयानों के वायरल होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया और पार्टी की इमेज को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय किया।


सुपौल सीट पर कांग्रेस के लिए मिन्नत रहमानी का नाम चुनना कोई नई बात नहीं है। मिन्नत रहमानी ने पहले भी इस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए पार्टी के लिए अच्छे परिणाम दिए हैं। उनकी लोकप्रियता और जमीन पर कार्यकर्ताओं के साथ उनके अच्छे संबंध को देखते हुए पार्टी ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाने का फैसला किया। पार्टी के नेताओं का कहना है कि मिन्नत रहमानी का अनुभव और जनसमर्थन कांग्रेस के लिए चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।


सुपौल सीट पर चुनावी माहौल काफी चुनौतीपूर्ण है। इस सीट पर हमेशा मुकाबला कड़ा रहा है और उम्मीदवार की साख एवं जनसंपर्क की क्षमता यहां निर्णायक साबित होती है। अनुपम के विवादित बयानों के चलते पार्टी को संभावित नकारात्मक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता था। ऐसे में मिन्नत रहमानी का मैदान में आना कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस बदलाव को पार्टी के अनुशासन और नीति के अनुसार सही कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसी भी सदस्य के व्यक्तिगत बयान पार्टी की साख को नुकसान नहीं पहुंचा सकते, और अगर ऐसा हो तो तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है। अनुपम के मामले में यह फैसला भी इसी तरह लिया गया।


सुपौल के स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का भी कहना है कि मिन्नत रहमानी को उम्मीदवार बनाना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि मिन्नत रहमानी हमेशा से पार्टी के प्रति वफादार और मेहनती रहे हैं। उनका जनसंपर्क, क्षेत्रीय मुद्दों की समझ और मतदाताओं के साथ जुड़ाव पार्टी के लिए लाभकारी रहेगा। कार्यकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि मिन्नत रहमानी सुपौल में कांग्रेस की स्थिति मजबूत करेंगे और पार्टी की छवि को और बेहतर बनाएंगे।


राजनीतिक विश्लेषक भी मानते हैं कि चुनाव से पहले उम्मीदवार बदलने का कदम दो तरह से देखा जा सकता है। एक तरफ यह पार्टी की अनुशासनात्मक सख्ती को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह चुनावी रणनीति का हिस्सा भी है, ताकि किसी भी विवाद से उत्पन्न नकारात्मक प्रभाव को समय रहते समाप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि मिन्नत रहमानी के अनुभव और लोकप्रियता को देखते हुए कांग्रेस सुपौल सीट पर मजबूत स्थिति में रह सकती है।


इस बदलाव के साथ ही कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि पार्टी में अनुशासन और नेतृत्व की साख सर्वोपरि है। किसी भी सदस्य द्वारा दी गई विवादित टिप्पणी, चाहे वह कितनी भी पुरानी क्यों न हो, पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में पार्टी ने समय रहते कार्रवाई करके यह संदेश दिया है कि चुनावी मैदान में अनुशासन और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।


सुपौल विधानसभा क्षेत्र में मिन्नत रहमानी की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह देखने को मिला है। कार्यकर्ता अब पूरी तरह से उनके समर्थन में जुट गए हैं और चुनावी तैयारियों में तेजी ला रहे हैं। पार्टी ने स्थानीय स्तर पर रैलियां, बैठकें और प्रचार कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं ताकि मिन्नत रहमानी को मतदाताओं के बीच अधिक प्रभावी ढंग से पेश किया जा सके।


सुपौल सीट पर कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार बदलने का यह कदम न केवल विवादित बयान के प्रभाव को कम करने के लिए किया गया है, बल्कि यह चुनावी रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। मिन्नत रहमानी का अनुभव, लोकप्रियता और कार्यकर्ताओं के साथ उनका जुड़ाव पार्टी को चुनाव में मजबूत स्थिति दिलाने में सहायक साबित होगा।

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