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Bihar Election 2025 : महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सस्पेंस बरकरार, आज तेजस्वी-गहलोत करेंगे बड़ा ऐलान

बिहार चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज है। तेजस्वी यादव और अशोक गहलोत आज साझा प्रेसवार्ता कर सीट शेयरिंग पर चल रहे सस्पेंस को खत्म कर सकते हैं।

Bihar Election 2025 : महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सस्पेंस बरकरार, आज तेजस्वी-गहलोत करेंगे बड़ा ऐलान
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Election 2025 :  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। कांग्रेस और राजद के बीच कई दिनों से चल रही बातचीत के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि आज इस मसले पर तस्वीर साफ हो जाएगी। बुधवार को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरीय पर्यवेक्षक अशोक गहलोत पटना पहुंचे। यहां उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।


गहलोत के आगमन के साथ ही ऐसा लग रहा है कि दोनों दलों के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ अब पिघलने लगी है। मुलाकात के बाद अशोक गहलोत और तेजस्वी यादव ने एक सुर में कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और सीट बंटवारे को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। दोनों नेताओं ने गुरुवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी सवालों के जवाब देने की बात कही है।


सूत्रों के मुताबिक, गहलोत ने सबसे पहले राजद नेता तेजस्वी यादव, राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और सांसद संजय यादव से मुलाकात की। यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। इसमें महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों पर सहमति और असहमति वाले क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद गहलोत और कांग्रेस महासचिव अल्लावरु राबड़ी देवी के दस सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे, जहां उन्होंने लालू प्रसाद यादव से भी मुलाकात की।


राबड़ी आवास से निकलने के बाद गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि,“243 सीटों में से कुछ पर दोस्ताना संघर्ष (Friendly Contest) हो सकता है, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। यह स्थानीय समीकरणों और क्षेत्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। महागठबंधन में किसी तरह की नाराजगी नहीं है। सभी दल एकजुट हैं और कोई विवाद नहीं है।” गहलोत का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि सीट बंटवारे पर अधिकांश सहमति बन चुकी है, लेकिन कुछ सीटों पर स्थानीय स्तर पर आपसी समन्वय की गुंजाइश अभी बाकी है।


महागठबंधन के भीतर 13 सीटों को लेकर अभी भी मतभेद खत्म नहीं हो पाए हैं। इन सीटों पर घटक दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हो सकते हैं। राजद और कांग्रेस में टकराव वाली सीटें: वैशाली, कहलगांव, नरकटियागंज, सिकंदरा, वारिसलीगंज, सुल्तानगंज। कांग्रेस और भाकपा के बीच मतभेद वाली सीटें: बछवाड़ा, राजापाकर, करगहर, बिहारशरीफ। राजद और वीआईपी में असहमति वाली सीटें: बाबूबरही और चैनपुर। कांग्रेस और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के बीच विवाद: बेलदौर। इन सीटों पर बातचीत का अंतिम दौर जारी है और उम्मीद है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सहमति बन जाएगी।


राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि भले ही कांग्रेस और राजद के बीच कुछ सीटों को लेकर मनमुटाव है, लेकिन गठबंधन टूटने की स्थिति में नहीं है। लालू यादव और अशोक गहलोत दोनों ही गठबंधन को बचाने की दिशा में सक्रिय हैं। दोनों दल जानते हैं कि एकजुट रहकर ही एनडीए के सामने मजबूत चुनौती दी जा सकती है।


संभावना है कि आज होने वाली साझा प्रेसवार्ता में तेजस्वी यादव और अशोक गहलोत अंतिम फार्मूला सार्वजनिक करेंगे। यह भी तय है कि जिन सीटों पर दोस्ताना संघर्ष होगा, वहां किसी प्रकार की सार्वजनिक बयानबाजी से बचा जाएगा, ताकि विपक्षी खेमे में एकता की छवि बनी रहे। बिहार की सियासत में यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें आज की प्रेसवार्ता पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि महागठबंधन किस मजबूती के साथ मैदान में उतरता है।

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