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Bihar Election 2025: महागठबंधन में तनाव बढ़ा, कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ उतारे उम्मीदवार; CPI ने कांग्रेस की तीन और सीटों पर दिए प्रत्याशी

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के नामांकन के साथ ही महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर भ्रम और टकराव सामने आ गया है। कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दल एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार रहे हैं, जिससे तनाव बढ़ता जा रहा है।

Bihar Election 2025
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रही है। महागठबंधन के घटक दलों ने कई सीटों पर एक दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं। महागठबंधन में शामिल CPI ने कांग्रेस की तीन और सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। सीपीआई ने बिहारशरीफ़ से शिव कुमार यादव उर्फ़ सरदार जी को सिंबल दे दिया है वहीं रोसड़ा से लक्ष्मण पासवान को सिंबल दिया गया है जबकि वैशाली के राजापाकड़ से मोहित पासवान को सिंबल दे दिया है। इन सीटों पर कांग्रेस ने भी उम्मीदवार उतारे हैं।


दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि गुरुवार, 17 अक्टूबर को समाप्त हो गई। इस मौके पर विभिन्न दलों के सैकड़ों उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिससे निर्वाचन कार्यालयों में दिनभर गहमागहमी बनी रही।


हालांकि, इस चुनावी प्रक्रिया के बीच महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अब तक स्पष्टता नहीं आ सकी है। सीटों के तालमेल में देरी और असहमति की वजह से कई विधानसभा सीटों पर घटक दलों के बीच सीधा मुकाबला होने जा रहा है। महागठबंधन के प्रमुख घटक राजद, कांग्रेस, वामदल और वीआईपी पार्टी ने कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ ही उम्मीदवार उतार दिए हैं। इससे कई क्षेत्रों में ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति बन गई है। 


कहलगांव सीट से राजद ने रजनीश यादव को उम्मीदवार बनाया है, वहीं कांग्रेस ने प्रवीण कुशवाहा को टिकट देकर मुकाबले में उतार दिया है। बिहार शरीफ में सीपीआई के शिव प्रकाश यादव और कांग्रेस के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। बछवाड़ा सीट पर सीपीआई के अवधेश राय और कांग्रेस के गरीब दास आमने-सामने हैं। 


गौरा बौराम से राजद के अफजल अली के मुकाबले वीआईपी पार्टी से संतोष सहनी मैदान में हैं। लालगंज सीट पर राजद की शिवानी शुक्ला को कांग्रेस के आदित्य राजा से सीधी टक्कर मिलेगी। इन सीटों पर महागठबंधन के अंदरूनी मतभेद अब खुले टकराव में तब्दील हो गए हैं, जिससे न सिर्फ विपक्षी एकता पर सवाल उठ रहे हैं बल्कि इन सीटों पर एनडीए को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।


महागठबंधन की ओर से अब तक सीटों के आधिकारिक बंटवारे की घोषणा नहीं की गई है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि दूसरे चरण के पहले तक गठबंधन दलों के बीच कोई स्पष्ट समझौता होता है या टकराव और गहराता है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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