Bihar Crime News: बिहार के सुपौल में आर्केस्ट्रा संचालकों के ठिकानों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने 10 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है। इस मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 7 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस के मुताबित, जिले में आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिग लड़कियों से काम कराए जाने की सूचना एसपी को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आर्केस्ट्रा संचालकों के ठिकानों पर छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई में 10 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया,जबकि मामले में कथित संलिप्तता को लेकर 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिगों से काम लिए जाने के मामले को लेकर जिले में हलचल तेज हो गई है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य नाबालिग बच्चों को शोषण से बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसपी शरथ आर एस के निर्देश पर डीएसपी (साइबर) गौरव गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और महिला थाना की पुलिस को शामिल किया गया। गठित टीम को मिली सूचना का सत्यापन करने और त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में ऑर्केस्ट्रा संचालकों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 10 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया और मामले में संलिप्त 16 लोगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में छपरा जिले के एकमा,कैरा और तुजारपुर थाना क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इनमें हरिंदर राय के पुत्र जितेंद्र कुमार, असरफ अली के पुत्र इमाम अंसारी और प्रवीण राय के पुत्र सुधांशु कुमार के नाम बताए गए हैं।
इसके अलावा सिवान जिले के तरवारा थाना क्षेत्र के बेरारी निवासी विवेक कुमार और जामों बाजार थाना क्षेत्र के पलटू हाता निवासी विकास कुमार भी शामिल हैं। वहीं, सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के चंपानगर निवासी सोनू कुमार तथा किशनपुर थाना क्षेत्र के मोजहा निवासी राजेश मेहता उर्फ राजेश का नाम भी सामने आया है। इनके अलावा नौ महिलाएं भी गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं।
इस मामले में महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मुक्त कराई गई नाबालिग बालिकाओं की पारिवारिक पृष्ठभूमि का सत्यापन भी करा रही है, ताकि उनके संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा सके और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। पुलिस के अनुसार,हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। सुपौल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग बालिकाओं को शोषण से बचाने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।





