ब्रेकिंग
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के प्रमोशन के लिए पटना पहुंचे सिद्धार्थ मल्होत्रा-तमन्ना भाटिया, CM सम्राट चौधरी से की मुलाकातनिजी क्लीनिक की बड़ी लापरवाही: गर्भ में मृत बच्चे को बाहर निकालने के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामाबेतिया राज की 6 एकड़ जमीन की हेराफेरी: रजिस्टर-2 में फर्जीवाड़ा कर बना डाली फर्जी जमाबंदी, अब जांच का आदेशबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत में

Patna News: म्यांमार में बंधक बनाए गए पटना के युवक की सकुशल वापसी, बिहार पुलिस और भारतीय दूतावास ने निभाया अहम रोल

Patna News: पटना पुलिस और भारतीय दूतावास की संयुक्त कार्रवाई में म्यांमार से भारतीय नागरिक सचिन कुमार सिंह को सकुशल भारत वापस लाया गया, जिन्होंने साइबर स्कैम सेंटर में बंधक बनाए जाने और फिरौती की मांग का सामना किया।

Patna News
© Reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Patna News: बिहार की राजधानी पटना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दानापुर के रहने वाले युवक को जालसाजों ने नौकरी का झांसा देकर म्यांमार भेज दिया और वहां उसे बंधक बना लिया। बदमाशों ने परिजनों से पांच हजार डॉलर की फिरौती मांगी थी। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद पटना पुलिस ने म्यांमार में भारतीय दूतावास से संपर्क साधा और आखिरकार युवक की सकुशल घर वापसी हो गई।


दरअसल, पटना के दानापुर थाना क्षेत्र के निवासी उमाशंकर सिंह के बेटे सचिन कुमार सिंह को विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने म्यांमार बुलाकर बंधक बना लिया गया था। इस मामले में उनकी मां मीना देवी द्वारा दिए गए आवेदन पर दानापुर थाना में केस दर्ज कराया गया था। 


जिसमें नेपाल और सीतामढ़ी के कुछ आरोपितों समेत म्यांमार की एक संदिग्ध कंपनी “सहाय ग्रुप” के एचआर को नामजद किया गया। जांच के क्रम में गठित एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी के रहने वाले मुख्य आरोपी सुनील कुमार को गिरफ्तार कर लिया।


जांच में सामने आया कि सचिन को छुड़ाने के एवज में 1.5 लाख रुपये उसके भाई साहिल कुमार सिंह से वसूले गए, जो सीतामढ़ी के इंडियन बैंक खाते में जमा कराए गए। बंधक बने सचिन के प्रताड़ना और मारपीट के फोटो भी परिजनों को भेजे जाते थे और 5,000 डॉलर की फिरौती मांगी जाती थी। रकम न देने पर शरीर के अंग बेचने और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने लगातार भारतीय दूतावास (म्यांमार, थाईलैंड) से संपर्क साधा। दूतावास के प्रयासों और म्यांमार पुलिस की मदद से सचिन कुमार सिंह को साइबर स्कैम सेंटर से छुड़ाकर म्यांमार मिलिट्री कैंप में सुरक्षित रखा गया। बाद में भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उसे भारत वापस लाकर परिवार को सौंप दिया।


पुलिस पूछताछ में सचिन ने खुलासा किया कि वह कंप्यूटर साइंस इंजीनियर है और पहले रांची से साइबर फ्रॉड में जुड़ा रहा है। उसके खिलाफ 12 लाख रुपये की ठगी का मामला भी दर्ज है। बेहतर नौकरी और वर्क वीजा का लालच देकर उसे म्यांमार ले जाया गया, जहां उसे जबरन साइबर स्कैम सेंटर में बेच दिया गया। 


वहां न केवल ठगी के काम में लगाया गया बल्कि शारीरिक और मानसिक यातनाएं भी दी गईं। लगातार प्रयास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय के कारण पटना पुलिस व भारतीय दूतावास सचिन कुमार सिंह को सकुशल देश वापस लाने में सफल रहे। वहीं इस मामले में शामिल आरोपितों की गिरफ्तारी और पूछताछ की कार्रवाई जारी है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता