MUZAFFAPUR: राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय इकाई ने बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) के साथ एक संयुक्त अभियान में नेपाल से भारत में हो रही मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की 3 किलोग्राम चरस जब्त की गई तथा दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। यह गिरोह नेपाल से चरस की खेप लाकर उसे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद भेजने की फिराक में था।
विशिष्ट आसूचना पर आधारित थी कार्रवाई
DRI मुजफ्फरपुर को नेपाल से भारत में चरस की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद DRI और बिहार STF की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चकमा देने के लिए तस्करों ने इस खेप को कई ट्रेनों के माध्यम से ले जाने और उसकी आवाजाही में जानबूझकर देरी करने की एक जटिल योजना बनाई थी। इस तस्करी नेटवर्क के तौर-तरीकों, ठिकानों और प्रमुख सदस्यों का पता लगाने के लिए संयुक्त टीम ने भारत-नेपाल सीमा से सटे दुर्गम क्षेत्रों में लगातार दो दिनों तक कड़ी निगरानी रखी।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर हुई गिरफ्तारी: जांच के दौरान रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की सुबह संयुक्त टीम को बापूधाम मोतिहारी से मुजफ्फरपुर आ रही नरकटियागंज–मुजफ्फरपुर मेमू ट्रेन में एक संदिग्ध वाहक के सफर करने की सटीक सूचना मिली। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ही उक्त संदिग्ध को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि यह चरस नेपाल से लाई गई थी और इसे उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद पहुंचना था।
आपूर्तिकर्ता भी शिकंजे में
प्रारंभिक पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर संयुक्त टीम ने तुरंत अनुवर्ती कार्रवाई करते हुए इस तस्करी के कथित मुख्य आपूर्तिकर्ता को भी दबोच लिया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या दो हो गई है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।
आगे की जांच जारी: DRI और STF के अधिकारी अब इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इस तस्करी के नेटवर्क की जड़ें कहां-कहां तक फैली हैं। इस आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने तथा मादक पदार्थों की प्रस्तावित वितरण व्यवस्था का खुलासा करने के लिए आगे की गहन जांच जारी है। एजेंसियों का मानना है कि इस खुलासे से सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय कई अन्य तस्करों तक भी पहुंच बनाई जा सकेगी।





