‘फरार को पकड़वाओ और इनाम पाओ’, बिहार पुलिस का अपराधियों पर कड़ा प्रहार, तीन अभियुक्तों पर रिवॉर्ड घोषित

Bihar Police News: मुजफ्फरपुर पुलिस ने तीन फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए 5,000 रुपये इनाम की घोषणा की है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने जनता से सहयोग की अपील की है।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Tue, 24 Feb 2026 01:23:06 PM IST

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प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google

Bihar Police News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस की विशेष टीम द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के बावजूद गिरफ्त से बाहर चल रहे तीन कुख्यात फरार अभियुक्तों के विरुद्ध 5000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। 


पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिन अपराधियों पर इनाम घोषित किया गया है, वे विभिन्न गंभीर कांडों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार अंजनी ठाकुर मिठनपुरा थाना कांड संख्या 124/17 का आरोपी, जो रजवाड़ा मुसहरी (मुजफ्फरपुर) का रहने वाला है। यह पिछले कई वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहा है।


वहीं मुकेश कुमार मिठनपुरा थाना कांड संख्या 121/24 का अभियुक्त। मूल रूप से कांटी के तिवारी टोला का निवासी मुकेश वर्तमान में मिठनपुरा स्थित इंद्रजानु देवी के मकान में रह रहा था। अभिषेक राणा उर्फ राणा पासवान जो करजा थाना कांड संख्या 45/25 का मुख्य आरोपी। यह करजा के गोपालपुर का रहने वाला है और हालिया वारदातों में इसकी तलाश पुलिस को है।


एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी नागरिक के पास इन अपराधियों के छिपने के ठिकानों या उनकी गतिविधियों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी है, तो वे तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष के संपर्क सूत्रों पर सूचित करें। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम, पता और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि उन्हें किसी प्रकार का खतरा न हो।


पदभार ग्रहण करने के बाद से ही एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया था कि जिले में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनाम की यह घोषणा इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे अपराधियों में कानून का डर पैदा हो और जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़े।