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BIHAR: गैंगरेप पीड़िता के घर जाकर इलाज करना डॉक्टर को पड़ गया महंगा, आरोपियों ने पेड़ में बांधकर बेरहमी से पीटा

गैंगरेप पीड़िता की नाबालिग भांजी ने बहादुरी दिखाते हुए डायल 112 की टीम को इस घटना की सूचना दी। जिसके बाद डॉक्टर की जान बच सकी। उनकी हालत काफी खराब है, फिलहाल उनका इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।

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Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

GAYA: दिल को दहला देने वाली घटना गया से आ रही है। जहां घर पर गैंगरेप पीड़िता का इलाज करना एक ग्रामीण डॉक्टर को महंगा पड़ गया। डॉक्टर को दुष्कर्म के आरोपियों ने घर से घसीट कर बाहर निकाला और पेड़ में बांधकर जमकर पीटा। इस जानलेवा हमले में ग्रामीण डॉक्टर बुरी तरह घायल हो गये। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम ने पेड़ में बांधकर रखे घायल ग्रामीण डॉक्टर को बंधन से मुक्त कराया। 


दरअसल, यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्र जिले के गुरपा थाना क्षेत्र के हाराखुरा गांव की है। बता दें कि रेप पीड़िता के घर इलाज के लिए पहुंचे एक ग्रामीण डॉक्टर को बच्ची से दुष्कर्म के आरोपियों ने न सिर्फ घर से घसीट कर बाहर निकाला, बल्कि पेड़ से बांधकर बेरहमी से ऐसा पीटा कि पूरा शरीर लहूलुहान हो गया। घटना मंगलवार की है जब ग्रामीण डॉक्टर जितेंद्र यादव एक रेप पीड़िता का इलाज करने उसके घर गये हुए थे। तभी आरोपियों ने उन्हें धर दबोचा और सभी ने मिलकर पेड़ में रस्सी से बांध कर हाथ साफ किया। 


बताया जाता है कि बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ था। दुष्कर्म के आरोपियों को लगा कि डॉक्टर जितेंद्र यादव रेप पीड़िता की मदद कर रहे हैं। इसी ‘शक’ में उसकी जान लेने पर वो उतारू हो गए। रेप पीड़िता की नाबालिग भांजी ने बहादुरी दिखाते हुए डायल 112 की टीम को इस घटना की सूचना दी। उस समय बच्ची ने देखा कि डॉक्टर साहब को कुछ लोगों ने पेड़ में बांध दिया और जमकर पिटाई करने लगे। उनकी जान बचाने के लिए नाबालिग बच्ची वहां से भागकर किसी तरह मेन रोड पर पहुंच गयी और हर आने जाने वाली गाड़ियों को निहारती रही।


 लेकिन जैसे ही उसकी नजर गांव की ओर आ रही डायल 112 की गाड़ी पर गई तब उसने पुलिस कर्मियों को रुकने का इशारा किया। जब पुलिस की गाड़ी रुकी तो उन्हें घटना की जानकारी बच्ची ने दी। जिसके बाद पुलिस की टीम हाराखुरा गांव में पहुंची। लेकिन पुलिस को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस कर्मी ने पेड़ में बंधे डॉक्टर को मुक्त कराया। जिसके बाद घायल डॉक्टर को फतेहपुर सीएचसी इलाज के लिए ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।