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लाखों की नौकरी, BPSC में 6वीं रैंक, रेलवे सेवा भी छोड़ी… जानिए कैसे IAS बनीं औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव

Success Story: बिहार के औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत और लगन से सिविल सेवा में बड़ी सफलता हासिल की है। IIT गुवाहाटी से पढ़ाई, BPSC में सफलता और UPSC में शानदार रैंक तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। आखिर कैसे उन्होंने...

लाखों की नौकरी, BPSC में 6वीं रैंक, रेलवे सेवा भी छोड़ी… जानिए कैसे IAS बनीं औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव
Ramakant kumar
4 मिनट

Success Story: UPSC की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए मोनिका श्रीवास्तव की कहानी मेहनत और लक्ष्य के प्रति जुनून की मिसाल है. IIT से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने प्रतिष्ठित कंपनी PayPal में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम किया. लाखों रुपये की नौकरी और शानदार करियर के बावजूद उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाने का था. इसी सपने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी शुरू की.


मोनिका ने पहले बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की और छठी रैंक प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी. साल 2024 में अपने पहले प्रयास में उन्होंने 455वीं रैंक हासिल की और भारतीय रेलवे सेवा में उनका चयन हुआ. लेकिन IAS बनने का सपना अभी पूरा नहीं हुआ था. रेलवे में प्रशिक्षण के साथ उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी और अगले प्रयास में 16वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का अपना सपना पूरा किया.


कौन हैं मोनिका श्रीवास्तव?

मोनिका श्रीवास्तव औरंगाबाद जिला मुख्यालय के सत्येंद्र नगर की रहने वाली हैं. वह जिला परिषद में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत ई. बी. के. श्रीवास्तव और भारती श्रीवास्तव की बेटी हैं. उनका परिवार शिक्षित और मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि से जुड़ा है. बचपन से ही उन्हें पढ़ाई के लिए घर में अच्छा माहौल मिला और माता-पिता ने उनके सपनों को पूरा करने में उनका साथ दिया.


औरंगाबाद से शुरू हुई पढ़ाई

मोनिका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई औरंगाबाद के सरस्वती शिशु मंदिर और डीएवी पब्लिक स्कूल से की. स्कूल के दिनों से ही वह पढ़ाई में मेधावी थीं. इसके बाद उन्होंने IIT की प्रवेश परीक्षा में बिहार में टॉप किया और IIT गुवाहाटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लिया.


IIT गुवाहाटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका ने प्रतिष्ठित ग्लोबल कंपनियों में काम किया. इसी दौरान उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला लिया. इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी.


BPSC में हासिल की 6वीं रैंक

मोनिका ने साल 2022 में BPSC की परीक्षा दी. इसमें उन्होंने छठी रैंक हासिल की और प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई. इस सफलता के बाद भी उन्होंने UPSC की तैयारी नहीं छोड़ी, क्योंकि उनका लक्ष्य IAS अधिकारी बनना था.


पहले प्रयास में UPSC क्रैक, मिली रेलवे सेवा

मोनिका ने साल 2024 में पहली बार UPSC की परीक्षा दी. अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने 455वीं रैंक हासिल की. इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय रेलवे सेवा में हुआ.


रेलवे में अधिकारी बनने के बाद भी मोनिका का IAS बनने का सपना कायम रहा. नौकरी और प्रशिक्षण के साथ UPSC की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए अपनी तैयारी जारी रखी.


दूसरे प्रयास में 16वीं रैंक

मोनिका की मेहनत का नतीजा उनके अगले प्रयास में सामने आया. UPSC में उन्होंने 16वीं रैंक हासिल की और IAS बनने का सपना पूरा कर लिया. IIT से इंजीनियरिंग, प्रतिष्ठित कंपनी की नौकरी, BPSC में छठी रैंक, UPSC में पहली बार सफलता के बाद रेलवे सेवा और फिर UPSC में 16वीं रैंक हासिल करना उनकी पूरी यात्रा को खास बनाता है.