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कुंदन कृष्णन ने किसानों से माफी मांगी, कहा..उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, मेरे पूर्वज भी किसान थे

बिहार के एडीजी मुख्यालय कुन्दन कृष्णन ने किसानों की चर्चा करते हुए अपराध पर दिए अपने बयान को लेकर किसानों से माफी मांगी है। हालांकि उन्होंने मीडिया पर उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया।

Bihar
बैकफुट पर एडीजी
© SOCIAL MEDIA
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: बिहार के एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने अपने उस विवादित बयान के लिए किसानों से माफी मांगी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मई-जून में ज्यादा हत्याएं इसलिए होती हैं क्योंकि किसानों के पास काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़कर पेश किया, लेकिन अगर किसी को इससे ठेस पहुंची हो तो वे क्षमा प्रार्थी हैं।


बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक(एडीजी) मुख्यालय कुन्दन कृष्णन किसानों पर दिये अपने एक विवादित बयान को लेकर बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होंने अपने उस बयान को लेकर किसानों से माफी मांगी है। वही मीडिया पर यह आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। दरअसल कुंदन कृष्णन पारस अस्पताल मर्डर केस पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि  मई, जून में हत्या ज्यादा होती है क्योंकि किसानों के पास काम नहीं होता। उन्होंने यह बाद इन डायरेक्ट रूप से कहा था जिसे लोगों ने समझा कि वे किसानों को लेकर यह बात कर रहे हैं कि किसान ही खाली बैठे समय में क्राइम करते हैं।  


एडीजी के इस बयान को लेकर बिहार में राजनीति गरमा गई थी। विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ दल के नेता चिराग पासवान ने भी इस बयान को लेकर हमला बोला था। कुंदन कृष्णन के इस बयान को लेकर हर कोई हैरान और परेशान था। उनके बयान को लेकर बिहार में बवाल मचा हुआ था। लोगों की इस नाराजगी के बाद कुंदन कृष्णन ने आज किसानों से अपने बयान को लेकर माफी मांगी है। 


बिहार पुलिस के एक्स अकाउंट पर उन्होंने अपना एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि मेरी बातों के कुछ अंश को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया जिससे विवाद खड़ा हो गया है। किसानों को गलत बताना उनका मकसद नहीं था। वे किसानों का बहुत सम्मान करते हैं। हमारे देश के किसान भाई अन्नदाता का आपराधिक घटना से कुछ लेना देना नहीं है। वे हमेशा सम्मान के पात्र हैं और रहेंगे। कुंदन कृष्णन ने आगे कहा कि अपराधियों की जात या वर्ग नहीं होता। मेरे पूर्वज भी किसान थे और किसानों से मेरा गहरा संबंध है और किसानों के प्रति काफी आदर भाव है। यदि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंचा है तो खेद व्यक्त करता हूं..और इसके लिए क्षमा प्रार्थी हूं। 



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