Bihar News : बिहार में यह अक्सर सुनने को मिलता है कि यहां कोई भी कितना भी बड़ा शख्स क्यों न हो यदि उसने भ्रष्टाचार किया है या रिश्वतखोरी की है तो फिर उसे किसी भी हाल में बख्सा नहीं जाएगा। हालांकि,इसके बाबजूद भी हर दिन कहीं न कहीं से रिश्वतखोरी का मामला सामने आता रहता है। इतना ही नहीं कई बार तो कुछ ऐसे में अधिकारी की बातें भी सामने आती है जो यह कहते हैं कि उन्हें प्रसाशन से भी डर नहीं है। अब एक ऐसा ही मामला जमई से सामने आया है। जहां एक फॉरेस्टर फ़ोन पर पैसे की लेन-देन की बात कर रहे हैं।
दरअसल, जमुई के झाझा प्रखंड स्थित नई डैम पक्षी अभ्यारण में तैनात फॉरेस्टर अनीश कुमार पर कई गंभीर आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो और ऑडियो ने उनकी कार्य प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर रही हैं। सोमवार को वायरल हुए पहले वीडियो में फॉरेस्टर अनीश कुमार और सिपाही शिव शंकर कुमार को ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करते हुए देखा गया।
इस वीडियो में अनीश कुमार वर्दी में एक हाथ में शराब का गिलास और दूसरे में सिगरेट लिए नजर आ रहे हैं। अपने रूम में बेड पर काजू किशमिश की प्लेट और शराब की बोतल भी साफ दिखाई दे रही है। अब एक अन्य वीडियो में फॉरेस्टर अनीश कुमार को पत्थर से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले कथित तौर पर 10 हजार की रिश्वत लेते हुए देखा गया। इस वीडियो ने जिले में खलबली मचा दी है।
इस वायरल ऑडियो क्लिप में फॉरेस्टर अनीश कुमार अपने सहकर्मियों के साथ अभद्र भाषण का इस्तेमाल करते और धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में वह कहते हैं '' मैं फॉरेस्टर अनीश कुमार हूं""" मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।'' हालांकि फर्स्ट बिहार इस वायरल वीडियो और ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।
इधर, इस पुरे मामले में वन विभाग के जिला वन पदाधिकारी तेजस जायसवाल ने कहा कि सभी मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि फॉरेस्टर अनीश कुमार इलाके में अपनी दबंगई और वर्दी के रोग के लिए कुख्यात हैं। वह अक्सर लोगों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और अपनी वर्दी के शक्ति का दुरुपयोग करते हैं।






