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रामविलास के निधन के बाद तीन दिनों से नहीं जला इस गांव में चूल्हा, चारों ओर मातम का माहौल

VAISHALI : केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद पूरे बिहार में शोक की लहर है. परिजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता में भी काफी मायूसी देखने को मिल रही है

रामविलास के निधन के बाद तीन दिनों से नहीं जला इस गांव में चूल्हा, चारों ओर मातम का माहौल
First Bihar
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VAISHALI : केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद पूरे बिहार में शोक की लहर है. परिजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता में भी काफी मायूसी देखने को मिल रही है. खासकर हाजीपुर के अकबरपुर मलाही गांव का माहौल गमगीन है. दरअसल अकबरपुर मलाही गांव से स्वर्गीय रामविलास पासवान का गहरा रिश्ता था. इस गांव को उन्होंने गोद लिया था और यहां के लोगों की देखभाल में दिन-रात लगे रहते थे. 


उनके निधन के बाद अकबरपुर मलाही गांव में तीन दिनों से किसी के घर में चूल्हा नहीं जला है. टीवी पर मौत की खबर सुनने के बाद से ही वहां की महिलाओं ने न तो खाना बनाया है और न ही खाया है. महिलाओं का कहना है कि जब तक उनके चहेते नेता का अंतिम संस्कार नहीं हो जाता है तब तक उनके घरों में खाना नहीं बनेगा. 


आपको बता दें कि अकबरपुर मलाही गांव की ये महिलाएं लोजपा या किसी अन्य पार्टी से जुड़ी हुई नहीं हैं. इन्हें किसी केन्द्रीय मंत्री के जाने का गम नहीं है बल्कि अपने मसीहा के नहीं रहने का दुख है. उनका कहना है कि हर नेता की मैय्यत पर आंसू निकले, ये जरूरी नहीं. रामविलास हमारे नेता नहीं बल्कि मसीहा थे. हाजीपुर से करीब 30 किमी दूर सराय को उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद गोद लिया था. आज जब उनका अंतिम संस्कार पटना में होना है तो हाजीपुर से बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन को पटना भी पहुंचे हैं.