ब्रेकिंग
जमुई में घूसखोरी का बड़ा खुलासा: झाझा थाना प्रभारी के ड्राइवर को 12 हजार घूस लेते SVU ने दबोचा, बालू लदे ट्रैक्टर से वसूली का आरोप भ्रष्टाचार पर राजस्व विभाग में फिर प्रहार, 8 और अंचलाधिकारियों पर कार्रवाई बिहार में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना: सास-दामाद के अवैध संबंध के चक्कर में विवाहिता की हत्या, 2 महीने पहले हुई थी शादी पटना पुलिस का बड़ा एक्शन: दया दूबे गैंग का सरगना समेत 4 अपराधी गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद46.80 लाख परिवारों को बड़ी सौगात: अब मकान और जमीन की मुफ्त रजिस्ट्री, जनहित में सरकार का बड़ा कदम, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्यजमुई में घूसखोरी का बड़ा खुलासा: झाझा थाना प्रभारी के ड्राइवर को 12 हजार घूस लेते SVU ने दबोचा, बालू लदे ट्रैक्टर से वसूली का आरोप भ्रष्टाचार पर राजस्व विभाग में फिर प्रहार, 8 और अंचलाधिकारियों पर कार्रवाई बिहार में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना: सास-दामाद के अवैध संबंध के चक्कर में विवाहिता की हत्या, 2 महीने पहले हुई थी शादी पटना पुलिस का बड़ा एक्शन: दया दूबे गैंग का सरगना समेत 4 अपराधी गिरफ्तार, हथियार और कारतूस बरामद46.80 लाख परिवारों को बड़ी सौगात: अब मकान और जमीन की मुफ्त रजिस्ट्री, जनहित में सरकार का बड़ा कदम, ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य

34 साल पुराने मामले में 85 साल के बुजुर्ग को 3 साल की सजा, 4 दोषियों को भी 10-10 साल की जेल

Bihar News: वैशाली जिले में 34 साल पुराने एक आपराधिक मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दोषियों को सजा सुनाई, जिसमें एक 85 वर्षीय वृद्ध भी शामिल हैं। उम्र को देखते हुए अदालत ने वृद्ध आरोपी...

34 साल पुराने मामले में 85 साल के बुजुर्ग को 3 साल की सजा, 4 दोषियों को भी 10-10 साल की जेल
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: वैशाली व्यवहार न्यायालय में शुक्रवार को एक बहुत पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया गया। यह मामला करीब 34 साल पुराना है, जिसमें जानलेवा हमले का आरोप था। कोर्ट ने इस केस में 85 साल के एक बुजुर्ग समेत कुल 5 लोगों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।


कोर्ट ने 85 साल के वृद्ध दीपा राय को 3 साल की सुनाई है। उनकी उम्र और सेहत को देखते हुए उन्हें तुरंत जेल नहीं भेजा गया। कोर्ट ने उन्हें प्रोविजनल बेल दे दी है, जिससे वे ऊपरी अदालत में अपील कर सकते हैं। वहीं इस केस के बाकी चार दोषियों को कोर्ट ने 10-10 साल की सजा और 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनने के बाद चारों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।


फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में काफी तनाव का माहौल देखने को मिला। लोग बाहर फैसले का इंतजार कर रहे थे अंदर कोर्ट की कार्रवाई चल रही थी। जैसे-जैसे एक-एक कर सजा का ऐलान हो रहा था, वैसे-वैसे माहौल और गंभीर होता जा रहा था।


यह पूरा मामला साल 1992 का है। उस समय राघोपुर के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र में अदालत राय और उनकी पत्नी पर जानलेवा हमला किया गया था। आरोप है कि उस समय कुछ लोगों ने उन पर गोली चलाकर उनकी जान लेने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद अदालत राय ने कुल 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।


मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली। इस दौरान केस से जुड़े चार आरोपियों की मौत हो गई। बाकी बचे पांच लोगों के खिलाफ केस चलता रहा। करीब तीन दशक से ज्यादा समय तक यह मामला अदालत में चलता रहा और आखिरकार 26 मई को कोर्ट ने सभी पांच लोगों को दोषी करार दिया था।


इसके बाद सजा को लेकर सुनवाई अलग से हुई। शुक्रवार को कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाते हुए सजा तय की। कोर्ट ने कहा कि कानून में देरी हो सकती है, लेकिन इंसाफ मिलता जरूर है।


अपर लोक अभियोजक ने बताया कि यह मामला बहुत पुराना था, इसमें कई सालों तक सुनवाई चली। उन्होंने कहा कि कोर्ट का यह फैसला समाज के लिए एक संदेश है कि गलत काम करने वालों को आखिरकार सजा मिलती है, चाहे समय कितना भी क्यों न लग जाए।


(वैशाली से मुन्ना खान की रिपोर्ट)