ब्रेकिंग
Bihar STET 2026 : STET अभ्यर्थी ध्यान दें! 4 नवंबर का एग्जाम टला, अब इस तारीख को होगा पेपर; जानिए नया एडमिट कार्ड कब आएगा?✦Bihar News : बिहार में 98 लाख रुपये के फर्जी वेतन भुगतान का मामला, भागलपुर के DEO पर गिरी गाज✦Bihar News: पटना में मूर्ति विसर्जन के दौरान खूनी वारदात, युवक को पहले चाकू से गोदा फिर मारी गोली; अस्पताल में मौत✦Bihar News: चुनाव से पहले पटना में सुरक्षा सख्त! बांकीपुर स्ट्रांग रूम पहुंचकर अफसरों ने क्या देखा?✦Bihar News: मुंबई में शादी और गेस्ट हाउस का सपना, फायरिंग केस में कैसे फंसा बिहार का ऋतिक?✦Bihar STET 2026 : STET अभ्यर्थी ध्यान दें! 4 नवंबर का एग्जाम टला, अब इस तारीख को होगा पेपर; जानिए नया एडमिट कार्ड कब आएगा?✦Bihar News : बिहार में 98 लाख रुपये के फर्जी वेतन भुगतान का मामला, भागलपुर के DEO पर गिरी गाज✦Bihar News: पटना में मूर्ति विसर्जन के दौरान खूनी वारदात, युवक को पहले चाकू से गोदा फिर मारी गोली; अस्पताल में मौत✦Bihar News: चुनाव से पहले पटना में सुरक्षा सख्त! बांकीपुर स्ट्रांग रूम पहुंचकर अफसरों ने क्या देखा?✦Bihar News: मुंबई में शादी और गेस्ट हाउस का सपना, फायरिंग केस में कैसे फंसा बिहार का ऋतिक?

Bihar News: मुंबई में शादी और गेस्ट हाउस का सपना, फायरिंग केस में कैसे फंसा बिहार का ऋतिक?

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बेगूसराय के ऋतिक कुमार का नाम सामने आया है। मां ने बेटे को बेकसूर बताया। जानिए मुंबई में शादी और गेस्ट हाउस खोलने की उसकी योजना से जुड़ी पूरी कहानी।

Bihar news
Bihar news
© File photo
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

Bihar News :  मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक कुमार का नाम सामने आने के बाद उसके परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक तरफ पुलिस इस मामले में आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ ऋतिक की मां संयुक्ता देवी बेटे को निर्दोष बता रही हैं। मां का कहना है कि उनका बेटा किसी गलत काम में शामिल नहीं है। परिवार के मुताबिक, ऋतिक मुंबई में अपना भविष्य बनाने की कोशिश कर रहा था और वहां एक लड़की से शादी भी करना चाहता था। लेकिन अब उसका नाम एक चर्चित आपराधिक मामले से जुड़ गया है।


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ऋतिक कुमार उर्फ रोशन को राजस्थान के कोटा से पकड़ा गया था। इसके बाद उसे मुंबई लाया गया। इस मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को अदालत ने 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना में किसकी क्या भूमिका थी और आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था। हालांकि, ऋतिक की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।


ऋतिक की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां संयुक्ता देवी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनका बेटा बेकसूर है। उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से उन्हें जानकारी दी गई थी कि ऋतिक बदमाशों को लिफ्ट देने के चक्कर में इस मामले में फंस गया। मां के इस बयान के बाद मामले में ऋतिक की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, परिवार की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।


परिवार के मुताबिक, ऋतिक एक अक्टूबर को मुंबई जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसने घरवालों को बताया था कि वह मुंबई में गेस्ट हाउस खोलने की योजना बना रहा है। इससे पहले वह दिल्ली में एक कैटरर के यहां खाना बनाने का काम करता था। परिवार को उम्मीद थी कि मुंबई पहुंचकर वह अपने काम को आगे बढ़ाएगा और आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसके फायरिंग मामले में पकड़े जाने की खबर ने परिवार को परेशान कर दिया।


संयुक्ता देवी के अनुसार, 17 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे ऋतिक की उसके पिता से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया। उसका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा। घरवालों को इस बात की चिंता होने लगी थी कि आखिर ऋतिक कहां है और उससे बात क्यों नहीं हो पा रही है। बाद में उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने पर परिवार को पूरे मामले का पता चला। मां का कहना है कि बेटे के साथ अन्याय हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


इस पूरे मामले में ऋतिक की निजी जिंदगी भी चर्चा में है। उसकी मां ने बताया कि ऋतिक मुंबई में एयरपोर्ट पर काम करने वाली ज्योति नाम की लड़की से प्यार करता था। दोनों के बीच शादी की बात चल रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि ऋतिक की शादी होगी और वह मुंबई में ही अपना जीवन बसाएगा। संयुक्ता देवी ने आशंका जताई कि लड़की के परिवार की वजह से उनका बेटा परेशानी में पड़ा हो सकता है। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि करने वाला कोई स्वतंत्र तथ्य सामने नहीं आया है। पुलिस की ओर से भी इस दावे को लेकर किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।


बेगूसराय जिले में ऋतिक का परिवार सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी वार्ड सात में रहता है। उसका पैतृक गांव मटिहानी थाना क्षेत्र का बदलपुरा बताया गया है। उसके पिता रामू महतो और मां संयुक्ता देवी पिपरा चौक पर चाय-नाश्ते और कॉस्मेटिक्स की छोटी दुकान चलाते हैं। परिवार ने करीब दो साल पहले डुमरी में जमीन खरीदकर अपना घर बनाया था। परिवार की आजीविका छोटे कारोबार पर निर्भर है। ऐसे में बेटे का नाम मुंबई के फायरिंग मामले में आने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।


उधर, मुंबई पुलिस इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य उद्देश्य फायरिंग की घटना में शामिल लोगों की पहचान करना, उनकी भूमिका स्पष्ट करना और यह पता लगाना है कि घटना के पीछे क्या वजह थी। ऋतिक की मां के दावों और पुलिस की जांच के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूछताछ में क्या जानकारी सामने आती है।


फिलहाल, ऋतिक के परिवार को उम्मीद है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी और उनके बेटे को न्याय मिलेगा। जिस युवक के मुंबई में काम शुरू करने और शादी करने के सपने थे, वह अब पुलिस हिरासत में है। लेकिन इस मामले में उसकी भूमिका क्या थी, यह अभी जांच का विषय है। अदालत में दोष साबित होने से पहले किसी भी आरोपी को अपराधी नहीं माना जा सकता।