Bihar News: बिहार के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया। कुछ ही सेकंड की देरी होती तो एक यात्री की जान जा सकती थी, लेकिन आरपीएफ जवान की सूझबूझ और तत्परता ने उसे सुरक्षित बचा लिया। घटना का वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, 14663 एनजेपी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस में सवार होने के दौरान एक यात्री अचानक संतुलन खो बैठा और चलती ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच की खतरनाक जगह में जा गिरा। मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रेन रुकवाई और यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बताया गया कि सीतामढ़ी जिले के मदनपुर गांव निवासी मुकेश कुमार पासवान अपनी पत्नी और बेटे के साथ ठाकुरगंज स्टेशन से सीतामढ़ी जाने के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस पकड़ने पहुंचे थे। सुबह करीब 10:33 बजे ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो भारी भीड़ के कारण उन्हें कोच में चढ़ने में परेशानी होने लगी।
इसी दौरान ट्रेन खुलने लगी। भीड़ को देखते हुए ट्रेन कुछ क्षणों के लिए रोकी गई, लेकिन जब दोबारा चलने लगी तो मुकेश कुमार पासवान एक हाथ में बैग लेकर चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरे।
घटना को सामने से देख रहे आरपीएफ सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार ने बिना एक पल गंवाए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने तुरंत गार्ड को सूचना दी और ट्रेन रुकवाने का संकेत दिया। ट्रेन रुकते ही आरपीएफ और रेलवे कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची।
हेड कांस्टेबल चंद्र बहादुर कटवाल समेत अन्य कर्मचारियों की मदद से प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंसे यात्री को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई और उसकी हालत सामान्य पाई गई।
घटना के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों की सांसें थम गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर कुछ सेकंड और देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। यात्री के सुरक्षित बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
अपनी जान बचने के बाद मुकेश कुमार पासवान और उनके परिजनों ने आरपीएफ जवानों का आभार जताया। उनकी पत्नी ने भावुक होकर कहा कि आरपीएफ की तत्परता की वजह से उनके पति को नई जिंदगी मिली है।

