SUPAUL: बिहार के सुपौल में मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था और विश्वास की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है,जिसने आमलोगों सहित प्रशासनिक टीम को हैरान कर दिया है। दुर्गा पूजा के छठे दिन एक महिला अपने हाथ पर कलश लेकर पूजा-अर्चना में लीन है इसी दौरान महिला की हृदय गति कम होने की बात सामने आई। डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद महिला को तत्काल आपातकालीन उपचार कराने की सलाह दी,लेकिन महिला अपनी आस्था और जिद्द पर अडिग है महिला का कहना है कि उन्हें मां दुर्गा पर पूरा विश्वास है। मां उनकी रक्षा करेंगी और उन्हें कुछ नहीं होने देंगी।
एक ओर डॉक्टर महिला की बिगड़ती सेहत को देखते हुए इमरजेंसी ट्रीटमेंट की सलाह दे रहे हैं, तो दूसरी ओर महिला का भरोसा मां दुर्गा की शक्ति पर कायम है और वह उपवास न तोड़ने और ईलाज नहीं कराने की जिद्द पर अड़ी है जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के कुशहा वार्ड 7 निवासी रामचंद्र सरदार की पत्नी गुड्डी देवी नवरात्र के दौरान अपनी मन्नत पूरी होने के बाद दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर मां दुर्गा की आराधना कर रही हैं। महिला का दावा है कि उनकी मन्नत के बाद उनके पिता की तबीयत में सुधार हुआ। हालांकि,लगातार उपवास के कारण उनकी सेहत बिगड़ने लगी है। डॉक्टरों की टीम ने जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर असामान्य पाया है। इसके साथ ही उनकी पल्स और हार्ट रेट भी बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि महिला हृदय रोग से भी पीड़ित हैं और व्रत के कारण उन्होंने अपनी दवाइयां लेना बंद कर दिया है।
गुड्डी देवी और उनके परिजनों के अनुसार,कुछ महीने पहले गुड्डी के पिता वासुदेव सरदार को पैरालिसिस अटैक आया था। उनका कई जगहों पर डॉक्टरों से इलाज कराया गया,लेकिन उनकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए थे। इसके बाद गुड्डी देवी दुर्गा पूजा से पहले मंदिर पहुंचीं और मां दुर्गा को मिठाई चढ़ाकर मन्नत मांगी। उन्होंने संकल्प लिया कि यदि उनके पिता की तबीयत ठीक हो जाती है,तो वह नवरात्र के नौ दिनों तक बिना अन्न ग्रहण किए अपने दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर मां दुर्गा की उपासना करेंगी।
महिला के मुताबिक,मन्नत मांगकर घर लौटने के चार-पांच दिनों बाद ही उनके पिता की तबीयत में सुधार हो गया। इसके बाद उन्होंने इस वर्ष नवरात्र के पहले दिन, 11 अक्टूबर (रविवार) से त्रिवेणीगंज मेला ग्राउंड स्थित अजगैबी काली दुर्गा मंदिर में अपने दाहिने हाथ पर कलश स्थापित कर आराधना शुरू कर दी। नवरात्र की शुरुआत से ही डॉक्टरों की टीम सुबह और शाम क्षेत्र के मंदिरों में पहुंचकर ऐसे श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की जांच कर रही है इसी क्रम शुक्रवार सुबह महिला की जांच के बाद डॉक्टरों मिली। जिसके बाद से प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
# छठे दिन बिगड़ी तबीयत,समझाने में जुटा प्रशासन.....
नवरात्र के छठे दिन स्वास्थ्य जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि गुड्डी देवी का ब्लड प्रेशर ऊपर-नीचे हो रहा है। उनकी पल्स और हार्ट रेट भी बढ़ रही है। हृदय रोग से पीड़ित होने के बावजूद व्रत के कारण दवाइयां बंद कर देने से उनकी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अभिषेक कुमार और एसडीपीओ दिलीप कुमार की अध्यक्षता में डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार महिला श्रद्धालु और उनके परिजनों को समझाने में जुटी है।
प्रशासन और डॉक्टर उन्हें व्रत तोड़कर इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन महिला उपवास तोड़ने और इलाज कराने के लिए तैयार नहीं हैं। उनके परिजन भी फिलहाल उनकी बात मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें समझाने का प्रयास कर रही है एसडीएम अभिषेक कुमार ने बताया कि डॉक्टरों की टीम ने जाँच के बाद कहा कि उनके स्वास्थ्य की स्थिति ठीक नहीं है जिसके बाद एसडीपीओ के साथ यहाँ आए और उनके परिजनों से बात किए हैं कि उनका आस्था और स्वास्थ्य दोनों बरकरार रहे,इसको लेकर पूजा कमिटी के सदस्यों और पंडितों से बात किए हैं वे सलाह मशवरा कर रहे हैं सब लोग प्रयासरत हैं।
यह घटना जहां एक ओर भक्त और भगवान के बीच अटूट विश्वास को दर्शाती है,वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर सवाल भी खड़ा करती है। आस्था इंसान को मानसिक शक्ति और संबल देती है, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या में समय पर इलाज कराना भी उतना ही जरूरी है। मां दुर्गा की भक्ति में समर्पित महिला की यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी है। हालांकि, मां के प्रति सच्ची श्रद्धा के साथ अपने जीवन की रक्षा करना भी जरूरी है। आखिर जीवन भी तो मां की ही दी हुई अनमोल भेंट है।







