Bihar News: बिहार के सुपौल जिले से चोरी की एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां चोरों ने किसी घर, दुकान या गोदाम को नहीं, बल्कि करीब 5 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन को ही निशाना बना दिया। रात के अंधेरे में आए बदमाशों ने थ्री-फेज बिजली तार काटकर अपने साथ ले गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
मामला प्रतापगंज थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, तेकुना पंचायत से महदीपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर मिरचईया नदी के पश्चिम स्थित ट्रांसफार्मर से लेकर इमामपट्टी प्राथमिक विद्यालय तक लगभग पांच किलोमीटर लंबे इलाके से बिजली का तार चोरी कर लिया गया। घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है।
स्थानीय किसानों के मुताबिक, रात में कई लोग ट्रैक्टर और एक चार पहिया वाहन लेकर पहुंचे थे। चोरों की संख्या 20 से 25 के बीच बताई जा रही है। उन्होंने बेहद सुनियोजित तरीके से बिजली के खंभों पर चढ़कर थ्री-फेज तार काटा और उसे वाहनों पर लादकर फरार हो गए।
खेतों में फसल की रखवाली कर रहे किसानों ने कुछ हलचल जरूर देखी थी, लेकिन अंधेरा होने और बड़ी संख्या में लोगों को देखकर वे कुछ समझ नहीं पाए। कई किसान डर के कारण उनके पास जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। उन्हें लगा कि शायद कोई सरकारी या विभागीय काम चल रहा होगा।
मंगलवार सुबह जब किसान खेतों में सिंचाई के लिए पहुंचे तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। खंभों पर लगे बिजली के तार पूरी तरह गायब थे। इसके बाद किसानों ने तुरंत इसकी सूचना गांव के लोगों और बिजली विभाग को दी।
स्थानीय किसान बिसुनदेव पासवान, कृष्णदेव पासवान, मंटू कुमार महतो और पवन प्रधान समेत अन्य लोगों ने बताया कि बिजली तार चोरी होने से इलाके की बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को हो रही है, क्योंकि बिजली नहीं रहने से सिंचाई का काम ठप पड़ गया है।
कनीय विद्युत अभियंता (जेई) अजय कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को मौखिक सूचना दे दी गई है। विभाग की ओर से लिखित आवेदन तैयार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी प्रतापगंज-सुखानगर सड़क मार्ग पर करीब 10 बिजली खंभों से तार चोरी हो चुके हैं। उस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से बिजली विभाग की चिंता बढ़ गई है।
उधर, प्रतापगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि अभी तक विभाग की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन प्राप्त होते ही प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की जाएगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जाएगी।
एक साथ 5 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन चोरी होने की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।





