ब्रेकिंग
Bihar News : बिहार में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं, नेपाल से आ रहा मलबा बढ़ा रहा चिंता; तटबंधों पर चौकसी तेजBihar News: पटना से डेढ़ गुना बड़ा होगा नया शहर, 273 गांव और दो नगर पंचायतें होंगी शामिल; पाटलिपुत्र टाउनशिप का मेगा प्लानBihar weather :बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून! 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बदलेगा मौसमबिहार पुलिस दारोगा भर्ती पर बड़ा अपडेट, 1799 पदों की PET और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन स्थगित; BPSSC जल्द जारी करेगा नई तारीखगोलीकांड में ‘दाएं या बाएं हाथ’ का क्या है कनेक्शन? CID ने 4 साल बाद फिर तेज की अनुराग पोद्दार केस की जांचBihar News : बिहार में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं, नेपाल से आ रहा मलबा बढ़ा रहा चिंता; तटबंधों पर चौकसी तेजBihar News: पटना से डेढ़ गुना बड़ा होगा नया शहर, 273 गांव और दो नगर पंचायतें होंगी शामिल; पाटलिपुत्र टाउनशिप का मेगा प्लानBihar weather :बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून! 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, पटना समेत इन इलाकों में बदलेगा मौसमबिहार पुलिस दारोगा भर्ती पर बड़ा अपडेट, 1799 पदों की PET और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन स्थगित; BPSSC जल्द जारी करेगा नई तारीखगोलीकांड में ‘दाएं या बाएं हाथ’ का क्या है कनेक्शन? CID ने 4 साल बाद फिर तेज की अनुराग पोद्दार केस की जांच

Bihar News: हादसे के दो दिन बाद चार महिलाओं के शव बरामद, घास लेकर लौटते वक्त नदी में पलटी थी नाव

Bihar News: बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गुड़िया पंचायत के बेलापट्टी गांव में मंगलवार शाम को हुए नाव हादसे में लापता चार महिलाओं के शव गुरुवार सुबह 10 बजे बरामद कर लिए गए।

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Bihar News: बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गुड़िया पंचायत के बेलापट्टी गांव में मंगलवार शाम को हुए नाव हादसे में लापता चार महिलाओं के शव गुरुवार सुबह 10 बजे बरामद कर लिए गए। यह दुर्घटना बेंगा मिरचैया नदी में उस समय हुई, जब ग्रामीण महिलाएं नाव से नदी पार कर रहीं थीं। शवों को एनडीआरएफ की टीम ने 41 घंटे की लंबी तलाश के बाद बरामद किया।


हादसे के वक्त नाव पर कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें 12 महिलाएं और दो पुरुष नाविक शामिल थे। बताया गया कि सभी महिलाएं खेतों से घास लेकर लौट रही थीं, तभी नाव असंतुलित होकर नदी में पलट गई। हादसे के तुरंत बाद दोनों नाविक मौके से फरार हो गए। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सात महिलाओं को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। चार महिलाएं लापता हो गई थीं, जिनकी खोजबीन लगातार जारी थी।


घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार शाम को ही एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। बुधवार सुबह पटना बिहटा स्थित 9वीं एनडीआरएफ यूनिट से तीन सदस्यीय ड्रोन टीम भी मौके पर पहुंची, जिन्होंने ड्रोन कैमरे की मदद से एयर सर्विलांस द्वारा सर्च ऑपरेशन को तेज किया, लेकिन सफलता गुरुवार को मिली। गुरुवार सुबह ऑपरेशन के दौरान नदी से लापता चारों महिलाओं के शव बरामद किए गए।


मृत महिलाओं की पहचान छातापुर थाना क्षेत्र के डहरिया पंचायत के चकला वार्ड-2 निवासी के रूप में की गई है। ये सभी एक ही परिवार की सदस्य थीं—(1) काजल देवी (25 वर्ष) पिता मटर मुखिया, (2) सावित्री देवी (45 वर्ष) पति जोगो मुखिया, (3) मंजुला देवी (30 वर्ष) पति नरेश मुखिया, और (4) ममता देवी (30 वर्ष) पति बिरेश मुखिया। इससे पहले, हादसे के दिन ही काजल देवी की मां संजन देवी (38 वर्ष) की मौत हो गई थी। सभी शवों को सुपौल सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।


एनडीआरएफ के सेकेंड-इन-कमांड रणधीर कुमार सिंह ने जानकारी दी कि राहत और खोजबीन कार्य में एनडीआरएफ, स्थानीय गोताखोरों, ग्रामीणों और सिविल प्रशासन की टीमें लगातार जुटी रहीं। बुधवार को ड्रोन सर्विलांस के जरिए भी तलाश की गई थी, लेकिन नदी का बहाव तेज होने और गहराई अधिक होने के कारण सर्च ऑपरेशन में कठिनाइयाँ आईं।


त्रिवेणीगंज के एसडीएम ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मृतका संजन देवी के परिजनों को बुधवार को ही मुआवजा प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि नाविकों के फरार होने के मामले की पुलिस जांच जारी है, और जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।


हादसे के बाद बेलापट्टी और आसपास के ग्रामीणों के सामने नदी पार करने की समस्या गहरा गई है। लोग खेतों की देखरेख, दैनिक जरूरतों की पूर्ति और अन्य कार्यों के लिए इसी निजी नाव पर निर्भर थे। फिलहाल नाव संचालन बंद हो चुका है और नाविक फरार हैं, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। इस पर एसडीएम अभिषेक कुमार ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।


इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोकाकुल कर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक महिलाओं के परिजन ब्रह्मदेव मुखिया ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब महिलाएं रोज की तरह खेत से काम कर लौट रही थीं। नाव में अधिक भीड़ और सुरक्षा के अभाव में यह दर्दनाक घटना घटी।

 सुपौल से संत सरोज की रिपोर्ट