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इलाज कराने गए थे अस्पताल, अग्निकांड ने छीन ली जिंदगी; शिवहर के उदय कुमार की दर्दनाक मौत

मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में लगी आग में शिवहर के विशंभरपुर निवासी उदय कुमार की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और मरीजों को समय पर सुरक्षित नहीं निकालने का आरोप लगाया है।

बिहार न्यूज
अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SHEOHAR: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड में जिले के तरियानी छपरा थाना क्षेत्र के विशंभरपुर वार्ड संख्या-8 निवासी उदय कुमार (57) की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिवार में कोहराम मच गया है। 


मिली जानकारी के अनुसार उदय कुमार स्वर्गीय दीनदयाल साह के पुत्र थे। बीते सोमवार से तेज बुखार से पीड़ित होने के कारण उन्हें इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया था। इसी बीच गुरुवार सुबह अस्पताल में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग और धुआं अस्पताल के विभिन्न हिस्सों में फैल गया। बताया जाता है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में काफी कठिनाई हुई। इसी दौरान जहरीले धुएं की चपेट में आने से उदय कुमार की मौत हो गई।


मृतक की पुत्री आकांक्षा कुमारी ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पिता को समय पर उचित देखभाल नहीं मिल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद अस्पताल के कुछ गार्ड और कर्मी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के बजाय गेट बंद कर वहां से चले गए। यदि समय रहते बचाव कार्य किया जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। आकांक्षा ने बताया कि घटना के बाद उनकी बातचीत मुजफ्फरपुर प्रशासन के अधिकारियों से हुई है। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। साथ ही सरकार की ओर से मिलने वाली हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।


उदय कुमार अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और तीन पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी एक पुत्री की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बच्चों की जिम्मेदारियां अब परिवार के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक परिजनों को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी प्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

शिवहर से समीर कुमार झा की रिपोर्ट

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