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सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा जलेश्वर नाथ धाम में उमड़ी भारी भीड़, श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

सारण जिले के कुमना स्थित पौराणिक बाबा जलेश्वर नाथ धाम में सावन की दूसरी सोमवारी पर हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

बिहार न्यूज
श्रद्धालुओं ने लगाये बोल बम के नारे
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SARAN: सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर सारण जिले के ग्रामीण क्षेत्र कुमना स्थित पौराणिक बाबा जलेश्वर नाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


रामायण काल से जुड़ी है धाम की मान्यता

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बाबा जलेश्वर नाथ धाम का इतिहास रामायण काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि महान कुम्भज ऋषि के आह्वान पर भगवान शिव माता पार्वती के साथ इस स्थान पर आए थे और यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। उस समय इस क्षेत्र के चारों ओर जल ही जल था, जिसके कारण इस धाम का नाम जलेश्वर नाथ पड़ा।


स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि इस पौराणिक स्थल का संबंध रामायण के सुंदरकांड से जुड़ी मान्यताओं से माना जाता है। हालांकि, इस संबंध में ऐतिहासिक और धार्मिक प्रमाणों को लेकर अलग-अलग मत हैं।


प्राचीन वृक्ष हैं धाम की विशेष पहचान

मंदिर परिसर में मौजूद विशाल और प्राचीन वृक्ष इस स्थल की ऐतिहासिक और प्राकृतिक सुंदरता को और अधिक आकर्षक बनाते हैं। सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। दूसरी सोमवारी पर भी मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं की काफी चहल-पहल देखने को मिली।


महाशिवरात्रि पर लगता है प्रसिद्ध लकड़ी का मेला

बाबा जलेश्वर नाथ धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाला लकड़ी का मेला क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण माना जाता है। इस मेले में सारण के अलावा आरा, बक्सर, बलिया, सिवान और गोपालगंज सहित कई जिलों से लोग पहुंचते हैं। मेले में लकड़ी से बने विभिन्न प्रकार के सामान अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध होते हैं, जिन्हें खरीदने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु और व्यापारी आते हैं।


पर्यटन स्थल घोषित करने की उठ रही मांग

इतिहास, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक विरासत से समृद्ध होने के बावजूद बाबा जलेश्वर नाथ धाम को अब तक पर्यटन स्थल का दर्जा नहीं मिल सका है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि इस पौराणिक धाम को पर्यटन स्थल घोषित कर यहां बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाए, तो यह सारण के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।

सारण से पवन सिंह की रिपोर्ट

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