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लॉकडाउन में फंसे पिता और भाई, बेटी ने मां का किया अंतिम संस्कार

SARAN: लॉकडाउन के बीच एक की बीमारी से मौत हो गई. लेकिन उसके पति और बेटा इंदौर थे. जैसे ही घर से खबर गई तो पिता और बेटे परेशान हो गए. लेकिन वह छपरा नहीं आ सके. जिसके बाद

FirstBihar
Manish Kumar
3 मिनट

SARAN: लॉकडाउन के बीच एक  की बीमारी से मौत हो गई. लेकिन उसके पति और बेटा इंदौर थे. जैसे ही घर से खबर गई तो पिता और बेटे परेशान हो गए. लेकिन वह छपरा नहीं आ सके. जिसके बाद घर पर मौजूद बेटी ने मां का अंतिम संस्कार किया. यह मामला सारण के मढ़ौरा का है. 

गांव के लोगों ने किया मदद

बताया जा रहा है कि मढौरा के मोथहा निवासी के बीरेंद्र सिंह की सीमा देवी की मौत बीते शनिवार को हो गई. जिसके बाद परिवार में उनके साथ रह रही दो बेटियों पर पहाड़ टूट पड़ा. इस दौरान उनके पति और इकलौता पुत्र बिपिन कुमार इंदौर में थे और लॉकडाउन के दौरान मृतिका के पति और बेटे का घर पहुंचने का कोई संभावना नहीं देखते हुए स्थानीय लोगों के सहयोग से मृतिका की छोटी बेटी सुधा कुमारी ने बेटे का फर्ज निभाते हुए मुखाग्नि दी. 


मृतिका की बड़ी बेटी पम्मी कुमारी ने बताया कि उनकी मां ने दोपहर में दोनों बहनों के साथ दोपहर का भोजन किया और फिर सोने चली गई. लेकिन वह उठी नही. बेटियां उन्हें जगाने गई, फिर वो जगी नही, रोती चिल्लाते दोनों बहनें आस पास के लोगों को आवाज लगा. जिसके बाद स्थानीय लोगो ने स्थानीय डॉक्टर से दिखाया तो डॉक्टर ने मृत घोषित किया. फिर स्थानीय लोगो के सहयोग से उनका अंतिम संस्कार किया गया. 

पिता को घर लाने की कोशिश

घर में अपनी माता के साथ रह रही दोनों बेटियों की आंसू पोछने वाला अब कोई नहीं. अब सिर्फ दोनों बहनें ही है. दोनों बहने इस चिंता में डूबी है कि आखिर उनके पिता और भाई कब घर आयेंगे. वही स्थानीय लोगों ने मृतिका के पति और बेटे को घर बुलाने के लिये सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी के नंबर पर फोन करके उन्हें घर बुलाने की प्रक्रिया में लगे है. परन्तु अब तक घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है जिससे यह बेटियां दूसरे पर आश्रित है. 



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DHANANJAY KUMAR

FirstBihar संवाददाता