ब्रेकिंग
कैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तार

समस्तीपुर के CO और थानाध्यक्ष घुस लेते गिरफ्तार, विजिलेंस की बड़ी कारवाई

SAMASTIPUR: इस वक्त समस्तीपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए समस्तीपुर के मथुरापुर ओपी थानाध्यक्ष संजय कुमा

समस्तीपुर के  CO और थानाध्यक्ष घुस लेते गिरफ्तार, विजिलेंस की बड़ी कारवाई
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

SAMASTIPUR: इस वक्त समस्तीपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए समस्तीपुर के मथुरापुर ओपी थानाध्यक्ष संजय कुमार और वारिसनगर के सीओ संतोष कुमार को घुस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. वहीं जानकारी के मुताबिक वही पर मौजूद दो अफसर निगरानी के गिरफ्त से बच कर निकल जाने में सफल हो गए है. 


बताया जाता है कि थानाध्यक्ष 25000 और अंचलाधिकारी 20000 रुपया इस मामले की फरियादी पीड़िता मंजू देवी से रिश्वत के रूप में मांग रहे थे. जिसकी शिकायत पहले से ही निगरानी को दे दी गई थी. निगरानी की टीम ने दो अलग अलग टीम बनाकर थानाध्यक्ष और अंचलाधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है पूर्व में भी कई कर्मचारी निगरानी के हत्थे चढ़े हुए हैं. 


जानकारी के मुताबिक मंजू देवी का पारिवारिक सम्पत्ति के जमीनी विवाद का मामला वारिसनगर अंचलाधिकारी और मथुरापुर ओपी के जनता दरबार में संयुक्त रूप से चल रहा था. इसके रिपोर्ट के लिए दोनों अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी. इस गिरफ्तारी से भ्रष्ट अधिकारियों औऱ कर्मियों में हड़कंप मच गया है.


निगरानी की टीम दोनों गिरफ्तार अधिकारी को साथ लेकर समस्तीपुर से निकल गयी है. निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद से अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची हुई है. 

टैग्स
रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RAMESH SHANKAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें