समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में किशोरी के साथ सरेराह छेड़खानी और बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा के परिवार से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। विकास का भाई सुभाष कुमार शर्मा भी गंभीर आपराधिक मामले में दोषी ठहराया जा चुका है। तेलंगाना में एक गर्भवती महिला की हत्या के मामले में निचली अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। फिलहाल वह तेलंगाना की जेल में बंद है और मृत्युदंड के खिलाफ उसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित बताई जा रही है।
समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव में किशोरी के साथ हुई घटना के बाद पुलिस और प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इसी बीच मुख्य आरोपी विकास के भाई का आपराधिक इतिहास सामने आने से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जानकारी के मुताबिक, सुभाष कुमार शर्मा करीब चार साल पहले नौकरी की तलाश में तेलंगाना गया था। वहां वह सोने-चांदी की एक दुकान में काम करता था। आरोप है कि दुकान में चोरी की घटना के बाद वह वहां से भागकर समस्तीपुर स्थित अपने गांव लौट आया था। इसके बाद तेलंगाना पुलिस ने समस्तीपुर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया और अपने साथ ले गई। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
बताया जाता है कि जेल से बाहर आने के बाद सुभाष पर तेलंगाना में एक गर्भवती महिला और उसके पति पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगा। यह घटना एक शॉपिंग मॉल में हुई थी। आरोप के अनुसार, सुभाष ने धारदार हथियार से दोनों पर हमला किया था। इस हमले में गर्भवती महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में निचली अदालत ने सुभाष को मृत्युदंड की सजा सुनाई। हालांकि, उसकी अपील पर हाईकोर्ट में सुनवाई लंबित बताई जा रही है।
इधर, समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ हुई छेड़खानी की घटना में मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, विकास पर शराब के अवैध कारोबार से जुड़े कई मामले भी दर्ज हैं और वह पहले जेल जा चुका है। इस मामले में एक अन्य आरोपी राहुल के खिलाफ भी आपराधिक इतिहास होने की जानकारी सामने आई है।किशोरी से बदसलूकी के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों रामबाबू, अवधेश, राहुल और विकास को गिरफ्तार किया है। प्रशासन ने मामले में त्वरित सुनवाई कराकर आरोपियों को सजा दिलाने की बात कही है।
इस बीच जिला प्रशासन ने आरोपियों के अवैध निर्माण के खिलाफ भी कार्रवाई की है। शुक्रवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ जगतसिंहपुर और बिजौलिया गांव पहुंची। वहां सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी राहुल कुमार और रामबाबू सहनी के झोपड़ीनुमा अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। रामबाबू की चाय की दुकान भी गिरा दी गई। वहीं, मुख्य आरोपी विकास कुमार शर्मा के दो मंजिला पक्के मकान के बाहर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए 24 घंटे का नोटिस चस्पा किया गया।इसके अलावा बिजौलिया गांव के निवासी आरोपी अवधेश पासवान की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है।
शुक्रवार को एडीजी डॉ. कमल किशोर ने जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा और एसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ बैठक कर मामले में कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।समस्तीपुर की इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बीच अब सभी की नजरें मामले की कानूनी प्रक्रिया और आरोपियों के खिलाफ होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।





