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Saharsa News: POCSO केस में बड़ा फैसला, दोषी राज कुमार शर्मा को आजीवन सश्रम कारावास

सहरसा POCSO स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी राज कुमार शर्मा को मृत्यु पर्यंत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। आरोप तय होने के करीब तीन महीने में फैसला आया।

बिहार न्यूज
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SAHARSA:सहरसा जिले में नाबालिग से जुड़े गंभीर POCSO मामले में अदालत ने त्वरित सुनवाई करते हुए दोषी को मृत्यु पर्यंत आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश (POCSO) राकेश कुमार राकेश की अदालत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और चार्जशीट के आधार पर अभियुक्त राज कुमार शर्मा को यह सजा सुनाई।


बताया गया कि इस मामले में सौरबाजार पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान करते हुए साक्ष्य जुटाए और 14 मई 2026 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने 23 मई 2026 को मामले का संज्ञान लिया, जबकि 4 जून 2026 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप तय किए गए।


आरोप तय होने के करीब तीन महीने के भीतर न्यायिक प्रक्रिया पूरी करते हुए 3 सितंबर 2026 को अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (POCSO) शिवेन्द्र प्रसाद ने प्रभावी पैरवी की।


वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट

मामले की जांच सौरबाजार पुलिस की अनुसंधानकर्ता सुजाता रानी ने की। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन कर समय पर आरोप-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद अदालत में गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी।


तीन महीने में पूरी हुई सुनवाई

अदालत में 4 जून को आरोप तय किए जाने के बाद मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ी। करीब तीन महीने के भीतर न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई और 3 सितंबर को अंतिम फैसला सुनाया गया। सहरसा में POCSO अधिनियम से जुड़े मामलों में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिले में POCSO एक्ट के तहत पहली बार इतनी कठोर सजा सुनाई गई है।


अदालत के इस फैसले के बाद नाबालिगों से जुड़े अपराधों में त्वरित न्याय और प्रभावी अभियोजन की भूमिका एक बार फिर सामने आई है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता