Bihar Train News : बिहार के सहरसा जिले में सोमवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी समस्तीपुर-सहरसा डेमू ट्रेन (63344) के इंजन में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और इंजन के साथ लगी एक बोगी भी उसकी चपेट में आ गई। इंजन और एक बोगी पूरी तरह जलकर खाक हो गए। राहत की बात यह रही कि घटना के समय किसी यात्री की जान नहीं गई और कोई हताहत नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार समस्तीपुर-सहरसा डेमू ट्रेन सोमवार की अहले सुबह करीब 3:44 बजे सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर पहुंची थी। ट्रेन के रुकने के कुछ ही देर बाद इंजन से धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में रेलवे कर्मियों और यात्रियों ने इसे सामान्य तकनीकी खराबी समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं तेज आग की लपटों में बदल गया।
आग इतनी तेजी से फैली कि इंजन के पीछे लगी पहली बोगी भी इसकी चपेट में आ गई। आग की भयावह लपटें देखकर ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से उतरकर प्लेटफॉर्म की ओर भागने लगे। स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल समस्तीपुर रेल मंडल के कंट्रोल रूम को जानकारी दी। स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों ने प्राथमिक स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि आग बुझने के कुछ समय बाद बोगी में फिर से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिसके बाद दमकलकर्मियों ने दोबारा आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। घटना के बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। साथ ही इंजन और बोगी को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
इस घटना का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा। आग लगने के कारण कुछ समय तक स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। रेलवे प्रशासन के अनुसार जानकी एक्सप्रेस सहित पांच ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। बाद में स्थिति सामान्य होने पर धीरे-धीरे रेल सेवाएं बहाल की गईं।
सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन के स्टेशन मास्टर संजय कुमार सज्जन ने बताया कि ट्रेन में आग लगने की सूचना मिलते ही समस्तीपुर कंट्रोल को जानकारी दी गई और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया गया। जब आग पर काबू नहीं पाया जा सका, तब तत्काल अग्निशमन विभाग को बुलाया गया। दमकल टीम की तत्परता से आग को अन्य बोगियों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी थी। फिलहाल घटना के बाद स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। यात्रियों ने भी राहत की सांस ली कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।





