1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 15, 2026, 10:37:11 AM
- फ़ोटो
Bihar News : पूर्णिया जिले में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी एवं समाहर्ता अंशुल कुमार ने अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. प्रिंस कुमार सुमन और एएनएम कंचन रानी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश जारी किया है। दोनों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाते हुए अलग-अलग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और कई स्थानीय समाचार चैनलों पर प्रसारित फुटेज के अवलोकन से यह पाया गया कि डॉ. प्रिंस कुमार सुमन और एएनएम कंचन रानी हाथ में गिलास लेकर अशोभनीय तरीके से नृत्य करते हुए दिखाई दे रहे थे। प्रशासन का कहना है कि यह आचरण किसी सरकारी पदाधिकारी और कनिष्ठ कर्मी के लिए निर्धारित सेवा आचरण मानकों के बिल्कुल विपरीत है।
जिला पदाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह कृत्य **बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के कंडिका-03 के नियम (1), (2) और (3) का उल्लंघन है। इन नियमों के तहत प्रत्येक सरकारी सेवक को उच्च नैतिक मानदंड, शालीनता और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखना अनिवार्य होता है तथा ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जो सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाए।
मामले के सामने आने के बाद असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पूर्णिया द्वारा 13 मार्च 2026 को दोनों संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके जवाब में 14 मार्च 2026 को दोनों की ओर से स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया, लेकिन प्रशासन ने इसे असंतोषजनक माना। इसके बाद जिला पदाधिकारी ने पूरे मामले की समीक्षा कर प्रशासनिक कार्रवाई का आदेश जारी किया।
आदेश के तहत डॉ. प्रिंस कुमार सुमन, जो बनमनखी अनुमंडलीय अस्पताल में प्रभारी उपाधीक्षक के पद पर कार्यरत थे, उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हरा कोठी में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) के प्रभार से भी मुक्त कर दिया गया है।
वहीं एएनएम कंचन रानी को अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी से हटाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैसा में प्रतिनियुक्त किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय व्यापक प्रशासनिक हित और सेवा की मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसके साथ ही जिला प्रशासन ने अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी में प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नई जिम्मेदारी भी सौंपी है। आदेश के अनुसार डॉ. विजय कुमार, जो चिकित्सा पदाधिकारी हैं, उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल बनमनखी का प्रभारी उपाधीक्षक नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं, ताकि अस्पताल की वित्तीय और प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
जिला पदाधिकारी ने असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पूर्णिया को यह भी निर्देश दिया है कि दोनों संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए प्रपत्र ‘क’ गठित कर उसे अनुमोदन के लिए विभाग को भेजा जाए। इससे संकेत मिल रहे हैं कि मामले में आगे और कड़ी विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जारी होने की तिथि से ही प्रभावी माना जाएगा। प्रशासन का कहना है कि सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आचरण से संस्था की गरिमा और जनता के विश्वास को बनाए रखें। ऐसे मामलों में नियमों के अनुरूप सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी चर्चा तेज हो गई है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर जिले में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि भविष्य में भी सरकारी कर्मचारियों द्वारा सेवा आचार संहिता का उल्लंघन किया जाता है तो उनके खिलाफ इसी तरह सख्त कदम उठाए जाएंगे।