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Traffic Challan : चालान कटते ही कर सकेंगे भुगतान! Google Pay-PhonePe से भरिए रकम, जानिए नया नियम

ट्रैफिक चालान भरने वालों के लिए बड़ी खबर है। अब चालान की राशि जमा करने के लिए कोर्ट या सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था में मौके पर ही UPI, QR Code और कार्ड से चालान का भुगतान किया जा सकेगा।

Traffic Challan : चालान कटते ही कर सकेंगे भुगतान! Google Pay-PhonePe से भरिए रकम, जानिए नया नियम
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

ट्रैफिक चालान को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अगर आप भी अक्सर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के बाद चालान कटने पर उसके भुगतान को लेकर परेशान रहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। अब चालान कटने के बाद उसकी राशि जमा करने के लिए कोर्ट या सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम होने वाली है। नई व्यवस्था के तहत अब ट्रैफिक पुलिस मौके पर ही ऑनलाइन चालान का भुगतान कराने की सुविधा देगी। यानी चालान कटते ही उसका पेमेंट भी वहीं किया जा सकेगा।


इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वाहन चालक चालान की राशि का भुगतान कैशलेस तरीके से तुरंत कर सकेंगे। इसके लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को आधुनिक ई-चालान मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही क्यूआर कोड सिस्टम को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। वाहन चालक क्यूआर कोड स्कैन करके अपने मोबाइल से चालान का भुगतान कर सकेंगे।


पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल किया जा सकेगा। वाहन चालक Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिए चालान की रकम जमा कर पाएंगे। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से भी भुगतान की सुविधा मिलेगी। ऐसे में चालान कटने के बाद पेमेंट के लिए अलग से किसी सरकारी कार्यालय में जाने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो सकती है।


सरकार ने चालान भुगतान की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ‘चालान 2 पे’ पहल शुरू की है। इसका मकसद चालान के भुगतान को कैशलेस, आसान और पारदर्शी बनाना है। नई व्यवस्था में चालान काटने से लेकर उसके भुगतान तक की प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी की जाएगी। इसका फायदा सिर्फ वाहन चालकों को ही नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था को भी मिलेगा। डिजिटल पेमेंट बढ़ने से चालान के मामलों में नकद लेन-देन कम होगा। इससे चालान की रकम का हिसाब रखना आसान होगा और राजस्व में होने वाले नुकसान को रोकने में भी मदद मिल सकती है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड होने की वजह से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।


अभी तक कई लोगों के लिए चालान भरना एक लंबी प्रक्रिया बन जाता था। चालान कटने के बाद उसके भुगतान के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। कई मामलों में लोगों को कोर्ट या संबंधित सरकारी कार्यालय का रुख करना पड़ता था। अब मौके पर ही डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलने से यह प्रक्रिया काफी सरल हो सकती है।नई व्यवस्था में ई-चालान मशीन और क्यूआर कोड के जरिए भुगतान होने के कारण ट्रैफिक पुलिस और वाहन चालक दोनों के लिए प्रक्रिया आसान होगी। भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से बाद में चालान से जुड़ी जानकारी को ट्रैक करना भी ज्यादा सुविधाजनक रहेगा।


हालांकि, इस समय यह नई व्यवस्था हिमाचल प्रदेश में शुरू की गई है। हिमाचल सरकार ने ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने और चालान भुगतान को आसान करने के लिए ‘चालान 2 पे’ पहल की शुरुआत की है। राज्य में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ई-चालान मशीनें और क्यूआर कोड सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके जरिए वाहन चालक मौके पर ही ऑनलाइन चालान का भुगतान कर सकेंगे।


चालान भुगतान की व्यवस्था में बदलाव के साथ हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुताबिक, आने वाले दिनों में HRTC को 1,500 नई इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी। इन बसों की न्यूनतम रेंज 350 किलोमीटर रखने की योजना है, ताकि पहाड़ी इलाकों में भी इनका इस्तेमाल आसानी से किया जा सके।


फिलहाल HRTC को 297 इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं। इसके अलावा सरकार 100 ग्रीन हाइड्रोजन और 100 सुपर डीलक्स बसें खरीदने की दिशा में भी काम कर रही है। राज्य में हाइड्रोजन बसों के संचालन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ई-चार्जिंग नेटवर्क को भी मजबूत करने पर सरकार का फोकस है।


यानी हिमाचल प्रदेश में एक तरफ ट्रैफिक चालान भुगतान को डिजिटल और कैशलेस बनाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक और आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में अगर यह मॉडल दूसरे राज्यों में भी लागू होता है, तो वाहन चालकों को चालान भुगतान के लिए दफ्तरों और कोर्ट के चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिल सकती है।