चुनाव आयोग पर तेजस्वी ने बोला हमला, विदेशी वोटर वाले सूत्र को बताया "मूत्र"

बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर घमासान, तेजस्वी यादव ने विदेशी नागरिकों के नाम जुड़ने की खबरों पर चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल। ‘सूत्र’ को कहा 'मूत्र', EC की भूमिका को बताया BJP समर्थित।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 13, 2025, 7:43:12 PM

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सूत्र को मूत्र बता डाला - फ़ोटो SOCIAL MEDIA

PATNA: भारत निर्वाचन आयोग बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण करा रहा है,जिसके तहत मतगणना प्रपत्र भरे जा रहे हैं। 25 जून से 26 जुलाई तक प्रपत्र भरने की अवधि है। जिसे लेकर रविवार को महागठबंधन की प्रेस वार्ता आयोजित की गयी थी। इस दौरान पटना के एक पत्रकार ने तेजस्वी यादव से सवाल किया कि सूत्रों के हवाले से एक खबर सामने आ रही है कि बिहार के वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के नाम शामिल हैं।


 जिसमें म्यांमार, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। पत्रकार के इस सवाल को सुनते ही तेजस्वी ने पूछा की यह खबर कहा से आई है। पत्रकार ने बताया कि सूत्रों के हवाले से खबर है। इतना सुनते ही तेजस्वी यादव कहने लगे कि चुनाव आयोग की ओर से कोई डॉक्यूमेट या प्रेस नोट या ऐसी बात आई है। कहां से यह खबर आई है। सूत्र से यह खबर आई है तो हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के सूत्र को मूत्र बता डाला। 


तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर पीसी का वीडियो अपलोड करते हुए यह लिखा कि 'चुनाव आयोग स्वयं सामने आने की बजाय सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट करवा रहा है ताकि इसकी आड़ में खेला कर सके। ये वही सूत्र है जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा कर चुके थे। इसलिए हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते है। मूत्र यानि ऐसा अपशिष्ट पदार्थ जो दुर्गंध फैलाता है।'


इससे पूर्व चुनाव आयोग ने बताया था कि जब फाइनल वोटर लिस्ट बनेगा तब ऐसे विदेशियों के नाम हटाया जाएगा। चाहे इनके पास वोटर कार्ड,आधार कार्ड और राशन कार्ड ही क्यों ना हो। चुनाव आयोग के इस बयान पर तेजस्वी ने कहा कि यदि एक फीसदी मतदाता का नाम यदि हटाया गया  तो 7 लाख 90 हजार वोटरो का नाम कट जाएगा। बिहार में 7 करोड़ 90 लाख मतदाता हैं। यदि एक बूथ पर 10 मतदाता का नाम कटता है तब 3200 वोटरो का नाम कट जाएगा जिसका सीधा असर बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पड़ेगा। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बिहार में राजनीति तेज हो गयी है।  


महागठबंधन की पीसी में तेजस्वी के साथ मुकेश सहनी,काँग्रेस नेता दल के अध्यक्ष शकील अहमद ख़ान, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम भी मौजूद थे। तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने कल एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि बिहार में 80 फीसदी मतदाता फार्म जमा हो गया है लेकिन हम लोगों ने अभी तक गणना फार्म जमा नहीं किया है। तेजस्वी ने कहा कि फॉर्म जगह-जगह फेका जा रहा है फॉर्म पर जलेबी बेची जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जो दावे किए जा रहे है उसमें कई कमियां है। EC ने दावा किया अस्सी प्रतिशत लोग फॉर्म भर चुके है लेकिन हकीकत कुछ और ही है.प्रेस के माध्यम से यह कहा गया है की पुनरीक्षण को लेकर दस्तावेज बाद में भी जमा किया जा सकता है लेकिन ऐसा कोई SOP आदेश जारी अब तक नहीं किया गया हैं।


 इसे लेकर BLO से लेकर वोटर तक सभी लोग कनफ्यूज हैं। यह पूरी प्रक्रिया के कारण चुनाव आयोग की विश्वसनीयता ख़त्म हो रही है। पूरा अभियान ग़ैर पारदर्शी बन गया है। सर्वर डाउन हमेशा रहता है और OTP की समस्या आ रही है। तकनीकी शिकायतो की लगातार अनदेखी की जा रही है। यह SIR प्रक्रिया आई वॉश है। ऐसा लग रहा है कि ये लोग BJP के इशारे पर काम कर रहे हैं। हम लोग भी एक एक मुद्दे पर अलर्ट हैं। ग्राउंड लेबल पर क्या हो रहा है सभी देख रहे है। अबकी बार आर पार होगा। मोदी जी अमित शाह जी ये नहीं समझे की ये गुजरात है ये बिहार है। तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग यह बताए की किस किस जिले में अस्सी प्रतिशत मतदाता पुनरीक्षण का  काम हो गया इसकी जानकारी लाइव लाइन में EC जारी करे।