ब्रेकिंग
बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारबिहार में बनेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, खिलाड़ियों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसलाराजस्व कर्मचारियों को सरकार की लास्ट वार्निंग: 24 घंटे के भीतर योगदान नहीं दिया तो एक्शन तय, ट्रांसफर के बावजूद नहीं कर रहे ज्वाइनगृह मंत्री अमित शाह की चेयरमैनशिप वाली 'परिषद' में डिप्टी सीएम के साथ एक मंत्री को बनाया गया सदस्य, CM सम्राट ने की नियुक्ति

STET परीक्षा में क्वेश्चन पेपर लीक का मामला, हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

PATNA : पटना हाई कोर्ट ने वर्ष 2019 की राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी को गत 16 मई को रद्द किए जाने के विरुद्ध दायर हुई रिट याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करते हुए अपना फै

STET परीक्षा में क्वेश्चन पेपर लीक का मामला, हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
First Bihar
2 मिनट

PATNA :  पटना हाई कोर्ट ने वर्ष 2019 की राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एसटीईटी को गत 16 मई को रद्द किए जाने के विरुद्ध दायर हुई रिट याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. न्यायमूर्ति अनिल कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने पंकज कुमार सिंह और कुमार आलोक की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखने का आदेश दिया.


विदित हो कि उक्त परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत राज्य के पांच अलग - अलग जिलों से मिली थी. परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की शिकायत किये जाने के मद्देनजर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने जाँच पड़ताल करने के बाद पूरे परीक्षा को रद्द कर दिया था. राज्य परीक्षा समिति के इसी निर्णय को हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने कहा कि महज पांच जिलों में परीक्षा में गड़बड़ी पाए जाने के आधार पर पूरे राज्य के एसटीइटी को रद्द करना अनुचित और मनमानापन रवैया है.


वहीं परीक्षा समिति ने आरोप का खंडन करते हुए कहा गड़बड़ी काफी गंभीर थी. प्रश्नपत्र लीक हुए थे, इसलिए ऐसी गड़बड़ियों से पूरे परीक्षा की पवित्रता और उसके संचालन पर ही सवालिया निशान खड़ा हो जाता है. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय एडवोकेट यदुवंश गिरी व सत्यव्रत वर्मा ने बहस  में भाग लिया. वही बोर्ड का पक्ष वरीय अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता ज्ञान शंकर ने रखा.