1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 27, 2025, 10:11:02 PM
भाई-बहन का अटूट रिश्ता - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA: RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव और पूरे मायका परिवार से नाराज़ चल रही रोहिणी आचार्या का सुर अचानक बदल गया। दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक भाषण ने उनका टोन पूरी तरह बदल दिया। रोहिणी ने साफ तौर पर कह दिया है कि चाहे लाख गाली दो, तेजस्वी के लिए ही बजेगी ताली।
करीब दस दिनों से चल रहे पारिवारिक कलह के बीच रोहिणी आचार्या का यह बयान छोटे भाई तेजस्वी यादव के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। दरअसल, तेजस्वी की यात्रा के दौरान बस में उनकी सीट पर सांसद संजय यादव के बैठने से शुरू हुआ विवाद परिवार और पार्टी तक फैल गया था। नाराज़ होकर रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लालू, तेजस्वी और आरजेडी को अनफॉलो तक कर दिया था।
हालांकि, शुक्रवार को तेजस्वी यादव ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा था कि “दीदी ने मुझे पाला-पोसा है, बड़ा किया है और पापा को किडनी भी दी है।” तेजस्वी के इस भावुक बयान के बाद रोहिणी आचार्या का ट्वीट यह संकेत देता है कि भाई-बहन के रिश्ते में किसी तरह का दरार नहीं है। शनिवार को किए ट्वीट में रोहिणी ने नीतीश कुमार के भाषण का एक अंश शेयर करते हुए लिखा कि निश्चित हार की बौखलाहट में "अंकल" के मुंह से हमेशा निम्न स्तर की भाषा निकलती है। उन्होंने कहा कि हर गंदी बोली का जवाब बिहार की जनता देने को तैयार है। अंत में रोहिणी ने कहा कि चाहे लाख दो गाली, बिहार में इस बार सिर्फ और सिर्फ भाई तेजस्वी के लिए ही बजेगी ताली।
इस विवाद में लालू के बड़े लाल तेज प्रताप भी रोहिणी बहन के समर्थन में उतर आए। कहा कि बहन का अपमान वो बर्दाश्त नहीं करेंगे। बहन का अपमान करने वालों पर उनका सुदर्शन चक्र चलेगा। बता दें कि तेज प्रताप पहले ही परिवार और पार्टी से बाहर हो चुके हैं और उन्होंने अपनी एक अलग पार्टी जनशक्ति जनता दल बना ली है जिसका सिंबल ब्लैकबोर्ड भी मिल चुका है। तेजप्रताप अब पूरी तरह चुनाव अभियान में लगे हुए हैं।