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पटना में खुले में कचरा फेंकना पड़ेगा भारी: अब AI कैमरों से कटेगा चालान, ‘नगर नेत्र’ करेगा सख्त निगरानी

Patna News: खुले में कचरा फेंकने वाले लोग अब सावधान हो जाएं. पटना में AI कैमरों से लैस ‘नगर नेत्र’ वाहन अब खुले में कचरा फेंकने और शहर की गंदगी पर नजर रखेंगे, नियम तोड़ने पर चालान भी कटेगा.

Patna News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Patna News: पटना में अब खुले में कचरा फेंकना लोगों को महंगा पड़ सकता है, क्योंकि नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिलकर इस पर सख्ती करने जा रहे हैं। ट्रैफिक नियमों की तरह अब कचरे को लेकर भी चालान काटने की तैयारी है।


पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड एक हाईटेक सिविक सर्विसेज सर्विलांस एंड मॉनिटरिंग प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है, जिसके तहत 19 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर वाहन तैनात किए जाएंगे। इन वाहनों को ‘नगर नेत्र’ नाम दिया गया है। ये गाड़ियां पटना नगर निगम के सभी 75 वार्डों में लगातार निगरानी करेंगी।


इन वाहनों में 4K हाई-रेजोल्यूशन डैशकैम और 110 डिग्री वाइड एंगल कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही जीपीएस सिस्टम के जरिए किसी भी समस्या की सटीक लोकेशन कंट्रोल रूम तक तुरंत भेजी जाएगी। ये AI से लैस वाहन सड़क पर कचरा, खुले मैनहोल, खराब स्ट्रीट लाइट, अवैध कब्जे और अन्य समस्याओं की पहचान कर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। रोस्टर के आधार पर हर वार्ड की नियमित स्कैनिंग की जाएगी।


सभी डेटा का विश्लेषण ICCC भवन में बनाए जाने वाले सेंट्रल सिविक सर्विसेज ऑपरेशंस सेंटर (C-SOC) में किया जाएगा। यहां AI सिस्टम कचरे के ढेर, सड़क गड्ढे, अवैध होर्डिंग्स और लावारिस पशुओं की पहचान करेगा। यदि एक मीटर से बड़ा कचरे का ढेर या 10 इंच से बड़ा गड्ढा मिलता है, तो सिस्टम स्वतः रिपोर्ट और स्क्रीनशॉट तैयार करेगा। साथ ही अवैध विज्ञापन पर संभावित जुर्माने का अनुमान भी लगाया जाएगा।


पटना स्मार्ट सिटी के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 8.95 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका उद्देश्य तकनीक के जरिए शहर की सफाई और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है। इस प्रोजेक्ट के संचालन के लिए 27 सदस्यीय टीम तैनात होगी, जिसमें प्रोजेक्ट डायरेक्टर, सिटी कोऑर्डिनेटर और ड्राइवर शामिल होंगे।


इसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और अगले 36 महीनों तक संचालन व रखरखाव एजेंसी के जिम्मे रहेगा। भविष्य में इस सिस्टम को ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के कचरा वाहनों से भी जोड़ने की योजना है, जिससे शहर की निगरानी और अधिक मजबूत हो सके।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता