ब्रेकिंग
कपड़ों की आड़ में चंडीगढ़ से बिहार लाई जा रही थी शराब... सिवान में 9600 बोतलों के साथ कंटेनर जब्त✦कुएं से मिला युवक का अधजला शव, शादी के बाद चल रहा था विवाद... हत्या की आशंका✦सीवान में अपराधियों का खूनी खेल, पूर्व प्रमुख पति को घेरकर मारी गोली; हालत गंभीर✦समस्तीपुर में भीषण सड़क हादसा, बस और ट्रक की जोरदार टक्कर में 30 यात्री घायल, मौके पर मची अफरा-तफरी✦ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, दीवारों और गेट पर कालिख पोती; लिखे आपत्तिजनक नारे✦कपड़ों की आड़ में चंडीगढ़ से बिहार लाई जा रही थी शराब... सिवान में 9600 बोतलों के साथ कंटेनर जब्त✦कुएं से मिला युवक का अधजला शव, शादी के बाद चल रहा था विवाद... हत्या की आशंका✦सीवान में अपराधियों का खूनी खेल, पूर्व प्रमुख पति को घेरकर मारी गोली; हालत गंभीर✦समस्तीपुर में भीषण सड़क हादसा, बस और ट्रक की जोरदार टक्कर में 30 यात्री घायल, मौके पर मची अफरा-तफरी✦ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, दीवारों और गेट पर कालिख पोती; लिखे आपत्तिजनक नारे

Bihar Protest : पटना में दो बड़े आंदोलनों से मचा हड़कंप, गांधी मैदान से डाकबंगला तक प्रदर्शन; पुलिस ने कई को हिरासत में लिया

पटना में सोमवार को दो बड़े प्रदर्शनों से सड़कों पर हलचल तेज हो गई। गांधी मैदान से किसान-मजदूर और वाम दलों का आक्रोश मार्च निकला, वहीं हेल्थ यूनिवर्सिटी के छात्र भी प्रदर्शन पर उतर आए। डाकबंगला पर पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।

Bihar Protest : पटना में दो बड़े आंदोलनों से मचा हड़कंप, गांधी मैदान से डाकबंगला तक प्रदर्शन; पुलिस ने कई को हिरासत में लिया
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar Protest : पटना में सोमवार को एक बार फिर अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन से शहर की सड़कों पर हलचल तेज हो गई। गांधी मैदान से लेकर जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे तक प्रदर्शनकारियों की भीड़ जुटी रही। एक ओर किसान, मजदूर, छात्र और वाम दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बाढ़-सूखा, रोजगार और अन्य मांगों को लेकर आक्रोश मार्च निकाला, वहीं दूसरी ओर बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्रों ने परीक्षा परिणाम को लेकर प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए पटना पुलिस ने कई प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।


जानकारी के अनुसार, गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश मार्च निकाला। इस मार्च में किसानों के साथ AISF, CPI, AIKF और अन्य वाम दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़क पर उतरे। पोस्टर पर ‘वित्त रहित शिक्षा का कलंक समाप्त करो’, ‘बाढ़-सूखा का स्थायी निदान करो’ और ‘बाढ़ पीड़ितों को युद्धस्तर पर राहत कार्य उपलब्ध करो’ जैसे नारे लिखे थे।


प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से आगे बढ़ते हुए जेपी गोलंबर तक पहुंचे। इसके बाद भीड़ डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी। डाकबंगला चौराहे पर बड़े लोहे के बैरिकेड लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों की ओर से बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।प्रदर्शन के दौरान AISF, CPI, AIKF और अन्य वाम दलों के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प भी हुई। 


मौके पर SDPO कामख्या नारायण सिंह के साथ प्रदर्शनकारियों की तीखी बहस हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे। सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी कुछ प्रदर्शनकारियों को पकड़कर मौके से ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।


मौके पर पटना SSP कार्तिकेय शर्मा, सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार, सिटी एसपी ईस्ट शैलजा समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की संख्या को देखते हुए डाकबंगला और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस अलर्ट रही।प्रदर्शन के दौरान एक महिला हाथ में कील लगा बांस लेकर सड़क पर घूमती नजर आई। महिला ने दावा किया कि उसने यह बांस पुलिस के हाथ से छीना है। उसका आरोप था कि बांस में कई कील लगी हुई थीं और पुलिसकर्मी इसे लेकर खड़े थे। महिला ने सवाल उठाया कि यदि यह बांस किसी प्रदर्शनकारी को लग जाता तो क्या होता। महिला ने कहा कि वह इस बांस को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास जाएगी और उन्हें बताएगी कि प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ।


प्रदर्शनकारियों की ओर से रोजगार, स्कीम वर्कर्स को स्थायी करने और मजदूरों को न्यूनतम मानदेय देने समेत कई मांगें उठाई गईं। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का मुद्दा भी प्रदर्शन के दौरान उठाया गया। हालांकि, अलग-अलग समूहों की मांगें अलग-अलग थीं और प्रदर्शन में कई मुद्दे एक साथ उठाए गए।इसी बीच बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के छात्र भी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया कि करीब 95 प्रतिशत छात्र फेल हुए हैं। हालांकि, 95 प्रतिशत छात्रों के फेल होने के इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।


छात्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के फेल होने से उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। वे परीक्षा परिणाम की समीक्षा कराने और अपनी शिकायतों का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान सांसद पप्पू यादव के भी पहुंचने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना जताई गई थी।एक ही दिन अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन के कारण पटना के कई प्रमुख मार्गों पर पुलिस की सक्रियता बढ़ गई। गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया जाए और किसी भी स्थिति में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित न हो।