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माले विधायक संदीप सौरभ और AISA अध्यक्ष धनंजय गिरफ्तार, आवास से कोतवाली थाना ले गई पुलिस

पटना पुलिस ने माले विधायक संदीप सौरभ को उनके आवास से गिरफ्तार किया है। उनके साथ-साथ AISA के बिहार अध्यक्ष धनंजय को भी कोतवाली थाना ले जाया गया।

बिहार न्यूज
जांच में जुटी पुलिस
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: पालीगंज के माले विधायक संदीप सौरभ को पटना पुलिस ने आवास से गिरफ्तार किया है। जब वो अपने आवास पर कुछ लोगों के साथ बैठे हुए थे, तभी पुलिस अचानक वहां पहुंची और मौजूद आईसा के अध्यक्ष धनंजय को भी गिरफ्तार किया। अरेस्टिंग के बाद दोनों को पुलिस कोतवाली थाने ले गयी है।  


गिरफ्तारी से पहले माले विधायक ने मोबाइल से वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। जिसमें वो यह कहते दिख रहे हैं कि उनके आवास पर पटना पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आई हुई है। यह भी कहते दिखे कि हमसे जो मिलने आए थे, यहां पर जितने लोग थे, उन सभी को भी अरेस्ट किया गया है। हमसे भी कोतवाली थाना चलने को कहा गया है। संदीप सौरव ने कहा कि पटना में पुलिस आतंक मचा रही है। यह सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। हमलोगों को कोतवाली थाना ले जाया जा रहा है। आईसा के बिहार के अध्यक्ष धनंजय को भी गिरफ्तार किया गया है। संदीप सौरभ ने कल के बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की। 

माले विधायक की गिरफ्तारी के बाद यह चर्चा होने लगी कि बीजेपी नेता नीरज कुमार ने उनके खिलाफ 23 जुलाई को सचिवालय थाने में केस दर्ज कराया था, शायद उसी केस में उनकी गिरफ्तारी हुई है। पालीगंज के माले विधायक संदीप सौरभ और सैकड़ों अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में बीजेपी नेता नीरज कुमार ने एफआईआर दर्ज कराया था। उन्होंने जान से मारने और लूटपाट करने का आरोप लगाया था। सचिवालय थाने में दर्ज FIR ने इस बात का जिक्र है कि 22 जुलाई 2026 को दिन के करीब ढाई बजे देशरत्न मार्ग स्थित बीपी मंडल गोलंबर के पास घटना हुई थी। बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष नीरज कुमार सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव के आवास पर जा रहे थे। 


तभी प्रदर्शन कर रहे माले विधायक संदीप सौरभ की मौजूदगी में उपद्रवियों ने नीरज कुमार को घेर लिया और लात-घूंसे और लाठी-डंडे से पिटाई कर दी। बीजेपी नेता नीरज ने यह आरोप लगाया कि हमले में शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई है। हमलावरों ने उनकी जेब से 15 हजार रुपये कैश, सोने की चेन और सोने की दो अंगूठी छीन ली। किसी तरह वो वहां से जान बचाकर पास के हॉस्पिटल में इलाज कराने पहुंचे। बीजेपी नेता ने यह आरोप लगाया कि विधायक संदीप सौरभ ने यह धमकी दी थी कि यदि पुलिस केस हुआ तो जान से मार डालेंगे। 


घटना के अगले दिन 23 जुलाई को सचिवालय थाना में बीजेपी नेता नीरज ने माले विधायक संदीप सौरभ और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद 24 जुलाई को पुलिस माले विधायक संदीप सौरभ के घर पहुंची और गिरफ्तार कर लिया।  साथ ही उनके आवास पर मौजूद आईसा के अध्यक्ष धनंजय को भी पकड़कर कोतवाली थाने ले गई। जब वो थाने पर गये तब पता चला कि पटना में हुए छात्र हिंसा मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई है।   


ताजा जानकारी यह निकलकर आ रही है कि भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरभ को 22 जुलाई को पटना में हुए छात्र प्रदर्शन और हिंसा के मामले में कोतवाली थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने और दंगा भड़काने का आरोप लगाया गया है। माले विधायक संदीप सौरभ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें सीजेएम मनीष कुमार उपाध्याय के समक्ष पेश किया, पेशी के बाद उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया।