ब्रेकिंग
EO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरल

Bihar News: बिहार के चार न्यायाधीश किए गए 'जबरन रिटायर', सरकार ने जारी किया आदेश, वजह क्या है...?

Bihar News: सरकार ने चार जजों को जबरन रिटायर कर दिया है. इनमें से दो न्यायाधीश विभिन्न आरोपों सस्पेंड थे. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है

Bihar News, patna high court order, Bihar government, forced retirement, 4 judge .जबरन रिटायरमेंट, न्यायाधीश, बिहार समाचार, पटना हाईकोर्ट
© Google
Viveka Nand
2 मिनट

Bihar News: नीतीश सरकार ने चार जजों को जबरन रिटायर कर दिया है. इनमें से दो न्यायाधीश विभिन्न आरोपों सस्पेंड थे. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से  अधिसूचना जारी कर दी गई है. पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक ने इस संबंध में 5 फरवरी 2025 को राज्य सरकार से अनुशंसा किया था. इस आलोक में सरकार ने चारों न्यायाधीशों को अनिवार्य सेवानिवृत कर दिया है. 

इन जजों को किया गया जबरन रिटायर

जिन न्यायिक पदाधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है, उनमें सुपौल के निलंबित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार, भोजपुर के प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय त्रिलोकी दुबे, सारण के अपर सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार-1(निलंबित) हैं. वहीं पूर्वी चंपारण के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार शामिल हैं. 

तीन महीने का वेतन-भत्ता देकर किया गया अनिवार्य सेवानिवृत

चार न्यायिक पदाधिकारी को 3 महीने का वेतन और अन्य भत्ते का अग्रिम भुगतान कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है. दो न्यायिक प्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार जायसवाल एवं अरुण कुमार-1 जो निलंबित हैं, का निलंबन आदेश अनिवार्य सेवा निवृत्ति की तिथि से स्वतः समाप्त हो जाएगा. 

रिपोर्टिंग
V

रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता