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Bihar News: करेंसी जलाने वाला भ्रष्ट अधीक्षण अभियंता...रात भर नोट जलाया फिर भी 39 लाख बच गया, 2021 में भी RWD का S.E. पकड़ा गया था, तब कहा था- '' जुबान खोली तो पटना में विस्फोट हो जाएगा''

ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता पर बड़ा खुलासा हुआ। इनोवा गाड़ी में नोट भरकर लाए और पत्नी संग रातभर करोड़ों रुपये जलाने की कोशिश की।यह घटना 2021 के एक और S.E. के नोटकांड की याद दिलाती है।

EOU रेड पटना, ग्रामीण कार्य विभाग घोटाला, भ्रष्ट अभियंता बिहार, इनोवा में कैश, नोट जलाकर बहाने की कोशिश, पटना करप्शन न्यूज, मुजफ्फरपुर नोट कांड, बिहार इंजीनियर घोटाला
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Viveka Nand
6 मिनट

Eou Riad: ग्रामीण कार्य विभाग का एक भ्रष्ट अधीक्षण अभियंता इनोवा गाड़ी में नोट भरकर पटना ला रहा था. 21 अगस्त की देर रात इसकी भनक आर्थिक अपराध इकाई को लगी. इंजीनियर आगे-आगे और जांच टीम पीछे से पटना स्थित घर पहुंची. भनक लगते ही अधीक्षण अभियंता ने पत्नी के साथ मिलकर रात भर नोटों को जलाया. बताया जाता है कि लगभग करोड़ रू की करेंसी को जलाकर बाथरूम के पाइप से बहाने की कोशिश की. नोट जलाने के बाद  भीअधजले व बचे 52 लाख रू बरामद किए गए हैं. 21-22 अगस्त की घटना को जानकार 2021 की वो खबर आ गई, जब ग्रामीण कार्य विभाग के ही एक अधीक्षण अभियंता की गाड़ी को रोका गया था. पुलिस ने जब गाड़ी रोका तो उसमें नोटों की गड्डियां भरी मिली. पुलिस ने जब सख्ती बरती तब उक्त अधीक्षण अभियंता ने कहा था, '' जुबान खोली तो पटना में विस्फोट हो जाएगा.'' समझ सकते हैं, भ्रष्टाचार में लिप्त इन इंजीनियरों के सिर पर किनका हाथ होता है. 

ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता हैं या नोट छापने की मशीन ? 

बात अगस्त 2021 की है. दरभंगा के ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार पटना जा रहे थे तो मुजफ्फरपुुर पुलिस ने इनकी गाड़ी की तलाशी ली. तलाशी में इनकी गाड़ी से भारी मात्रा में नकद राशि मिली थी. इसके बाद पुलिस को शक हुआ, फिर इनके पटना आवास की भी तलाशी ली गई. वाहन और आवास से कुल 67 लाख रुपये जब्त हुए थे. मामले में आर्थिक अपराध इकाई की भी इंट्री हुई थी. जब अधिकारियों ने उनकी जुबान खुलवाने की कोशिश की तो सिर्फ इतना ही कहा कि मुंह खोलेेंगे तो विस्फोट आ जाएगा। पूरे प्रदेश में भूचाल हो जाएगा। इसलिए चुप रहना ही बेहतर है। पुलिस व आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों ने जब अभियंता से पूछा कि इतने रुपये कहां से आए और पटना किसे देने जा रहे थे? इस पर अभियंता ने कहा कि अभी मेरी तबीयत खराब है। मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है, इसलिए कुछ नहीं बोल सकते। तब कहा गया था कि इतनी बड़ी राशि लेकर अधीक्षण अभियंता पटना में बैठे अपने आका को ही देने जा रहे थे. 

बाद में रिश्वतखोर अधीक्षण अभियंता को भेजा गया था जेल  

बता दें, 28 अगस्त 2021 को मुजफ्फरपुर के फकुली ओपी पुलिस ने वाहन जांच दौरान अभियंता की गाड़ी से 18 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके बाद दरभंगा के बहादुरपुर थानाक्षेत्र के बरहेता रोड स्थित उनके आवास से 49 लाख रुपये के साथ लगभग दो दर्जन संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए थे। हालांकि, मुजफ्फरपुर पुलिस ने उसे पीआर बांड पर छोड़ दिया था। अभियंता के पास से 67 लाख रुपये की बरामदगी के छठे माह में उसे मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया था. विशेष कोर्ट निगरानी में पेश करने के बाद अनिल कुमार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था.  

21 अगस्त को एक और धनकुबेर की खुली पोल, बचने के लिए करोड़ रू का करेंसी जला दिया 

21 अगस्त की रात्रि ग्रामीण कार्य विभाग का एक और रिश्वतखोर अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय जो मधुबनी में पदस्थापित है, इनोवा गाड़ी में नोट भरकर ला रहा था. उसे क्या पता था कि, इसकी भनक लग चुकी है. भ्रष्ट इंजीनियर गाड़ी में नोट भरकर पटना स्थित आवास पहुंचा, पीछे-पीछे आर्थिक अपराध इकाई की टीम पहुंच गई। रात में ही टीम घर में घुसने की कोशिश की, तब भ्रष्ट इंजीनियर की पत्नी ने रोकने का पूरा प्रयास किया. ईओयू की टीम किसी तरह से घर में प्रवेश की, इसके बाद उक्त अधीक्षण अभियंता को गिरफ्तार कर लिया गया. घर की तस्वीर देखकर ईओयू की टीम दंग रह गई।

आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी ने बताया है कि 21 तारीख की देर रात्रि में ही जानकारी मिली कि ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता जो मधुबनी में पदस्थापित है और सीतामढ़ी के अतिरिक्त प्रभार में हैं, अपनी इनोवा गाड़ी से जा रहे हैं. जिस पर भारी मात्रा में नगद राशि रखी गई है. सत्यापन के लिए एएसपी व अन्य अधिकारियों को लगाया गया. टीम अगमकुआं स्थित भूतनाथ रोड वाले निवास की तलाशी प्रारंभ की . घर की तलाशी के क्रम में अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय जो गैर कानूनी कार्यों में लिप्त पाए गए, उन्हें गिरफ्तार किया गया है. इनकी पत्नी बबली राय ने जांच टीम के सत्यापन एवं तलाशी कार्य में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की. इनके खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

 ईओयू ने बताया है कि तलाशी में भारी मात्रा में जले हुए नोटों के अवशेष मिले हैं .घर के टॉयलेट के पाइप से नोट बरामद किया गया है. घर की नालियां पूर्ण रूप से जाम मिली, जिसे नगर निगम के कर्मियों के सहयोग से खुलवाकर जले हुए नोटों एवं अन्य दस्तावेजों को बरामद किया गया है. उनके परिसर से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं.

घर की तलाशी के क्रम में टंकी में छुपा कर रखे हुए ₹500 मूल्य के 39.50 लाख नकद बरामद किया गया है. वहीं जले एवं क्षतिग्रस्त 500 नोट को मिलाकर 52 लाख रुपए की बरामदगी हुई है. करेंसी नोट के अतिरिक्त लगभग 26 लाख रुपए मूल्य के सोना चांदी के जेवरात, बीमा पॉलिसी के कागजात, चल अचल संपत्ति दस्तावेज, इनोवा गाड़ी बरामद की गई है.  

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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