PATNA: राजधानी पटना से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां बच्चे को जन्म देने के कुछ घंटे बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजलक्ष्मी की मौत हो गई। इस घटना से परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता और परिवार के सदस्यों के आंखों के आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे हैं। पटना के शेखपुरा स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम पर इलाज में लापरवाही का आरोप परिजनों ने लगाया है।
बताया जाता है कि मृतका राजलक्ष्मी पटना सिटी में प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पद पर तैनात थीं। 12 अक्टूबर को पटना के शेखपुरा स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में बेटे को जन्म देने के बाद उसकी मौत हो गयी।
परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
मृतका राजलक्ष्मी के पिता वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार लाल ने अस्पताल प्रशासन और वहां के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्चे का जन्म नॉर्मल नहीं बल्कि ऑपरेशन से हुआ था। ऑपरेशन के बाद ही डॉक्टर अस्पताल से चली गईं थी। डॉक्टर के वहां से जाने के बाद उनकी बेटी राजलक्ष्मी की तबीयत बिगड़ने लगी, तब अस्पताल के कर्मचारियों को जानकारी दी गई लेकिन इसके बावजूद किसी ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया।
जब तक डॉक्टर को सूचना दी गई, तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। सोमवार 12 अक्टूबर की देर रात में राजलक्ष्मी की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। मृतका के परिजनों का कहना है कि जिस अस्पताल में उनकी बेटी का प्रसव हुआ वहां इमरजेंसी इलाज के लिए पर्याप्त उपकरण और कुशल डॉक्टर की भी व्यवस्था नहीं है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
चेकअप के दौरान जबरन 5 स्टार रेटिंग कराने का भी आरोप
मृतका के परिवारवालों का यह भी आरोप है कि गर्भावस्था के दौरान टेस्ट के समय अस्पताल प्रबंधन द्वारा राजलक्ष्मी से हर बार मोबाइल से पांच स्टार रेटिंग करने को कहा जाता था। राजलक्ष्मी से 5 स्टार रेटिंग करवाया भी गया था। इस बात की जानकारी मृतका की छोटी बहन ने मौत के बाद परिवार को दी। हालांकि मृतका के पिता का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी पहले नहीं थी। यह उन्हें यह सब पता चलता तो वो इस हॉस्पिटल की कार्यशैली पर सवाल जरूर उठाते।
नवजात के सिर से उठा मां का साया
राजलक्ष्मी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में बच्चे के जन्म से खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा है। नवजात बेटे ने जन्म के कुछ ही घंटों बाद अपनी मां को खो दिया। परिजनों ने दीघा घाट पर राजलक्ष्मी का अंतिम संस्कार किया।
एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में परिवार
परिजनों का कहना है कि वे घटना से जुड़े तथ्यों और सबूतों को जुटाने के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
राजलक्ष्मी के निधन पर नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव और बिहार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने फोन कर पूरी घटना की जानकारी ली और इस दुखद घटना पर परिवार को सांत्वना दी। अब इस मामले में अस्पताल पर लगाए गए आरोपों की जांच और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल अहम होगी। जांच के बाद ही मौत के कारणों और कथित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





