1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 08, 2026, 9:36:48 AM
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Nitish Kumar : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 मार्च से कोसी-सीमांचल क्षेत्र के जिलों के दौरे पर निकल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार यह यात्रा 10 मार्च से 13 मार्च तक प्रस्तावित है। इस दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे और कई योजनाओं का जायजा भी लेंगे।
बताया जा रहा है कि इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य प्रवास मधेपुरा में रहेगा। संभावना है कि वे तीन रात तक मधेपुरा में ही ठहरेंगे और वहीं से कोसी और सीमांचल के अलग-अलग जिलों में जाकर कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा को सरकार की “समृद्धि यात्रा” के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसके जरिए मुख्यमंत्री क्षेत्र में चल रही योजनाओं की प्रगति का आकलन करेंगे और स्थानीय लोगों से भी संवाद करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री 10 मार्च को मधेपुरा पहुंच सकते हैं। यहां पहुंचने के बाद वे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी बातचीत कर जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की जानकारी लेंगे।
11 मार्च को मुख्यमंत्री मधेपुरा से हेलीकॉप्टर के जरिए सीमांचल के जिलों का दौरा करेंगे। इस दिन उनका कार्यक्रम किशनगंज और अररिया में प्रस्तावित बताया जा रहा है। इन जिलों में मुख्यमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर सकते हैं। इसके अलावा वे जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को भी सुनेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान कुछ नई योजनाओं की घोषणा भी की जा सकती है।
इसके बाद 12 मार्च को मुख्यमंत्री का कार्यक्रम कटिहार और पूर्णिया जिले में प्रस्तावित है। इन जिलों में भी वे विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे और संबंधित विभागों के अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट लेंगे। सरकार की प्राथमिकता क्षेत्रीय विकास को गति देना है, इसलिए इस दौरे को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा के अंतिम दिन यानी 13 मार्च को मुख्यमंत्री सहरसा में कार्यक्रम करेंगे। सहरसा में वे विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास कर सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद वे वहां से आगे के कार्यक्रम के लिए रवाना हो सकते हैं।
कोसी और सीमांचल क्षेत्र को बिहार का महत्वपूर्ण लेकिन अपेक्षाकृत पिछड़ा इलाका माना जाता है। सरकार लंबे समय से यहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सुधार के लिए कई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री की इस यात्रा का उद्देश्य भी इन योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और विकास कार्यों को और गति देना बताया जा रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से भी मुख्यमंत्री की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। कोसी-सीमांचल क्षेत्र में बड़ी आबादी रहती है और यहां के विकास को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। ऐसे में मुख्यमंत्री का खुद इन जिलों में जाकर हालात का जायजा लेना प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर अभी आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जिला प्रशासन भी संभावित कार्यक्रम को लेकर अलर्ट मोड में है और व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
अगर यह यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार होती है तो चार दिनों में मुख्यमंत्री कोसी और सीमांचल के कई जिलों का दौरा कर वहां के विकास कार्यों की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे और क्षेत्र के लोगों से सीधा संवाद भी स्थापित करेंगे।