1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 23 Feb 2026 07:46:40 AM IST
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NEET student death case : NEET छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में जांच तेज करते हुए Central Bureau of Investigation (CBI) ने अब स्थानीय पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को खंगालना शुरू कर दिया है। स्पॉट विजिट के बाद सीबीआई टीम ने उन पुलिस अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो मामले की प्रारंभिक जांच में शामिल थे। इसी कड़ी में चित्रगुप्त नगर थाने की सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रीना कुमारी को सीबीआई कार्यालय बुलाकर करीब तीन घंटे तक सघन पूछताछ की गई।
बताया जा रहा है कि जिस शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत हुई थी, वह चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में आता है। घटना के समय रीना कुमारी थाने में सेकेंड एसएचओ के पद पर तैनात थीं। तत्कालीन थाना प्रभारी रोशनी कुमारी के निलंबन के बाद केस की जांच की जिम्मेदारी रीना कुमारी को सौंपी गई थी। उन्होंने न सिर्फ केस डायरी तैयार की, बल्कि मौके से मिले साक्ष्यों का भी परीक्षण किया था।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि घटना के दिन से लेकर केस के हैंडओवर तक किन-किन तथ्यों को दर्ज किया गया और किन बिंदुओं पर निर्णय लिया गया। पूछताछ के दौरान केस डायरी, घटनास्थल से मिले सबूत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक बयान दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर विस्तार से सवाल-जवाब किए गए।
पुलिस की भूमिका पर उठे थे सवाल
इस मामले में पहले भी स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। पटना पुलिस और एसआईटी ने शुरुआती स्तर पर कुछ लापरवाही की बात स्वीकार की थी। अब सीबीआई इसी पहलू पर गहराई से जांच कर रही है कि कहीं साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ तो नहीं हुई या जांच को जानबूझकर किसी दिशा में मोड़ने की कोशिश तो नहीं की गई।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई उन अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने छात्रा की मौत के बाद शुरुआती रिपोर्ट तैयार की थी या मॉनिटरिंग में शामिल थे। एसआई रीना कुमारी से पूछताछ इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। चूंकि वह केस की हर बारीकी से वाकिफ थीं, इसलिए उनका बयान जांच की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।
आगे और अधिकारियों से होगी पूछताछ
जानकारी के मुताबिक, आने वाले दिनों में कदमकुआं थाने की एसआई कोमल कुमारी, राघवेंद्र कुमार और विपुल कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को भी अलग-अलग शिफ्ट में पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। सीबीआई की अलग-अलग टीमें इन सभी के बयानों का मिलान करेंगी, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके और किसी भी प्रकार की विसंगति सामने आए तो उसे चिन्हित किया जा सके।
जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच और साक्ष्य संकलन में मानक प्रक्रियाओं का पालन हुआ था या नहीं। अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
पुलिस महकमे में बढ़ी बेचैनी
सीबीआई की इस सक्रियता के बाद पटना पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। कई अधिकारी अपने-अपने स्तर पर फाइलों की समीक्षा में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि यह पूछताछ सिर्फ शुरुआत है और आने वाले दिनों में जांच का दायरा और भी व्यापक हो सकता है।
NEET छात्रा की मौत को लेकर परिजन पहले ही निष्पक्ष जांच की मांग कर चुके हैं। ऐसे में सीबीआई की यह कार्रवाई मामले के हर पहलू को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसी की पड़ताल से कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं और क्या शुरुआती जांच में हुई कथित चूक की जिम्मेदारी तय हो पाती है या नहीं।