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Bihar News : मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, 5 मरीजों की मौत; ICU में मचा हड़कंप

मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में तड़के भीषण आग लगने से 10 से अधिक लोगों की मौत की आशंका है। ICU में लगी आग के बाद 20 से ज्यादा मरीजों को रेस्क्यू किया गया।

Bihar News : मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, 5  मरीजों की मौत; ICU में मचा हड़कंप
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब शहर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में लगी, जिसके बाद पूरे भवन में धुआं फैल गया और अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 5 से अधिक लोगों की मौत हुई  है, जबकि 20 से ज्यादा मरीज घायल बताए जा रहे हैं।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। आईसीयू में मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। देखते ही देखते जहरीला धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया, जिससे कई मरीजों की हालत और गंभीर हो गई।


घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की लगभग एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। कई मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें आसपास के सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया गया।


अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब तीन बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। जब दमकल की टीम अस्पताल पहुंची तो आईसीयू वार्ड पूरी तरह धुएं से भरा हुआ था। बचाव अभियान के दौरान कई मरीजों को गंभीर स्थिति में बाहर निकाला गया। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य के दौरान 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, हालांकि कई मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।


शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने अस्पताल परिसर को अपने कब्जे में लेकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों और घायलों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। कई परिजनों का कहना है कि आग लगने के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर वहां से चले गए। इससे कई मरीज समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच गए।


एक पीड़ित परिजन ने बताया कि उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे और आग लगने के बाद उन्हें बाहर निकालने में काफी देर हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की मदद नहीं की गई। परिजनों का यह भी कहना है कि हादसे के बाद मृतकों के शवों की जानकारी देने में भी अस्पताल प्रबंधन ने सहयोग नहीं किया।


अग्निशमन अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तो अस्पताल का अधिकांश स्टाफ वहां मौजूद नहीं था। इस तथ्य ने अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। मृतकों की संख्या और हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन तैयारियों को लेकर बहस छेड़ दी है।