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Bihar News : बिहार में वोटर लिस्ट घोटाला! BLO की लॉगिन ID से साइबर कैफे में हो रहा था वोटर लिस्ट का खेल, खुलासे से हड़कंप; DCLR के सामने इस तरह खुल गया खेल

मोतिहारी में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। BLO और साइबर कैफे संचालक की मिलीभगत से प्रति आवेदन ₹200 वसूले जा रहे थे। जांच के बाद दोनों गिरफ्तार।

Bihar News : बिहार में वोटर लिस्ट घोटाला! BLO की लॉगिन ID से साइबर कैफे में हो रहा था वोटर लिस्ट का खेल, खुलासे से हड़कंप; DCLR के सामने इस तरह खुल गया खेल
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में मतदाता सूची में नाम जोड़ने को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में एक बीएलओ (BLO) और साइबर कैफे संचालक की मिलीभगत से वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए अवैध रूप से ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे थे। मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। जांच के बाद दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने बीएलओ और साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार कर लिया।


जानकारी के अनुसार, अरेराज डीसीएलआर सह हरसिद्धि विधानसभा निर्वाची पदाधिकारी इति चतुर्वेदी को मतदाता सूची पोर्टल पर लगातार बड़ी संख्या में ऑनलाइन आवेदन आने की सूचना मिली। एक ही स्थान से लगातार नाम जोड़ने के लिए आवेदन किए जाने पर मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आवेदन एक साइबर कैफे से किए जा रहे हैं और उसमें बीएलओ की आधिकारिक आईडी का इस्तेमाल हो रहा है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीएलआर ने हरसिद्धि प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) गुलशन कुमार को विस्तृत जांच का निर्देश दिया। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने प्रशासन को भी चौंका दिया। जांच में पाया गया कि हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 96 के बीएलओ मस्जिद बैठा की लॉगिन आईडी का उपयोग साइबर कैफे संचालक उपेंद्र कुमार द्वारा किया जा रहा था।


जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आने वाले लोगों से प्रति आवेदन 200 रुपये वसूले जाते थे। इस राशि में 100 रुपये बीएलओ को और 100 रुपये साइबर कैफे संचालक को दिए जाते थे। यानी सरकारी प्रक्रिया को निजी कमाई का जरिया बनाकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने का खेल चलाया जा रहा था।


बीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर डीसीएलआर इति चतुर्वेदी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद हरसिद्धि बीडीओ गुलशन कुमार ने बीएलओ मस्जिद बैठा और साइबर कैफे संचालक उपेंद्र कुमार के खिलाफ हरसिद्धि थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


डीसीएलआर इति चतुर्वेदी ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आई थीं, जिसके बाद जांच कराई गई और पूरे मामले का खुलासा हुआ।


प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि इस तरीके से कितने आवेदन किए गए और क्या मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जोड़ने या अन्य बदलाव करने का प्रयास किया गया था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।


इस कार्रवाई के बाद निर्वाचन कार्यों से जुड़े कर्मचारियों और साइबर कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी सरकारी आईडी, पासवर्ड या अधिकार का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


मोतिहारी में सामने आया यह मामला चुनावी प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता के महत्व को एक बार फिर उजागर करता है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।