Bihar Crime News : मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र के जिहुली गांव में महज भैंस नहलाने के दौरान गिरे पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दिन में पानी को लेकर कहासुनी और हाथापाई हुई, पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत भी हो गया था, लेकिन शाम होते-होते दोबारा विवाद भड़क गया। आरोप है कि इसी दौरान चाकू से हमला कर दो लोगों की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। घटना में 36 वर्षीय जमी अख्तर और 40 वर्षीय मदीना खातून की मौत हो गई। वहीं जमी अख्तर के भसुर मही अख्तर भी गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज पताही सीएचसी में चल रहा है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
सुबह भैंस नहलाने को लेकर हुआ था विवाद
मृतकों के परिजनों के अनुसार, विवाद की शुरुआत गुरुवार सुबह हुई। मृतक की भाभी नगमा खातून ने बताया कि उनका परिवार अपनी जमीन पर नहीं, बल्कि डाकबाबू की जमीन पर बसे हुए हैं। सुबह जमी अख्तर के भसुर मही अख्तर सड़क पर भैंस को नहला रहे थे। भैंस को नहलाने के दौरान पानी बहकर अनिल सिंह की तरफ जा रहा था।
इसी बात को लेकर अनिल सिंह वहां पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। परिजनों के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विवाद खत्म करने के लिए पानी की निकासी के लिए पाइप लगाने की सलाह दी। इसके बाद सभी लोग अपने-अपने घर चले गए। परिजनों को उस वक्त शायद ही अंदाजा था कि कुछ घंटे बाद यही विवाद इतना भयावह रूप ले लेगा कि परिवार के दो लोगों की जान चली जाएगी।
शाम को फिर जुटे लोग, अचानक मच गया हड़कंप
नगमा खातून के मुताबिक, शाम के समय वह घास लेकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान उन्होंने देखा कि अनिल सिंह कई लोगों के साथ वहां खड़ा था। उन्होंने विवाद को लेकर पूछा तो अनिल सिंह ने कथित तौर पर कहा कि जमी अख्तर ने उसका गला पकड़कर उसे पटक दिया था।
नगमा खातून का कहना है कि उन्होंने जवाब दिया कि सुबह विवाद की शुरुआत पहले अनिल सिंह की तरफ से ही हुई थी। इसके बाद वह घास लेकर घर की तरफ चली गईं। लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक शोर मचने लगा कि अनिल सिंह ने चाकू मार दिया है।
जब परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। जमी अख्तर और मदीना खातून खून से लथपथ पड़े थे। वहीं मही अख्तर भी घायल अवस्था में थे। परिजन आनन-फानन में सभी को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जमी अख्तर और मदीना खातून को मृत घोषित कर दिया।
जमी अख्तर की मौत से तीन बच्चों के सिर से उठा सहारा
जमी अख्तर परिवार में अकेले कमाने वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह एक प्लाई फैक्ट्री में काम करते थे और अपनी कमाई से तीन बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाते थे।जमी की मौत के बाद उनकी पत्नी और तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस व्यक्ति की कमाई से घर चलता था, उसके नहीं रहने पर परिवार का भविष्य कैसे चलेगा।
पांच बच्चों की मां थी मदीना, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना में जान गंवाने वाली मदीना खातून भी पांच बच्चों की मां थीं। परिजनों के अनुसार, उनके पति प्लाई फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि मदीना घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करती थीं। वह अपने बच्चों की पढ़ाई और उनकी बेहतर परवरिश को लेकर हमेशा चिंतित रहती थीं। अचानक हुई उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक मामूली विवाद ने देखते ही देखते दो परिवारों को ऐसा जख्म दे दिया, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।
दो लोग हिरासत में, अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी
घटना की जानकारी मिलते ही पकड़ीदयाल के प्रभारी डीएसपी अभिषेक कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। शुरुआती तौर पर विवाद की वजह भैंस नहलाने के दौरान पानी के बहने को बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और चाकू से हमला किसने किया।
एक तरफ पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, तो दूसरी तरफ जिहुली गांव में दो लोगों की मौत के बाद मातम पसरा हुआ है। जिस विवाद को सुबह महज पाइप लगाकर खत्म करने की बात कही गई थी, वही विवाद शाम तक दो जिंदगियां निगल गया।





