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मजदूरों की जगह 3 बच्चों से उठवाया गया दवाइयों से भरा कार्टन, पटना सिविल सर्जन ने कहा- हम खुद करेंगे मामले की जांच

PATNA: नाबालिग बच्चों से काम कराना अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन बिहार के सरकारी दफ्तर में बाल मजदूरी कानून की धज्जियां उड़ाई गयी। जहां तीन बच्चों से दवाइयों का कार्टन उठव

मजदूरों की जगह 3 बच्चों से उठवाया गया दवाइयों से भरा कार्टन, पटना सिविल सर्जन ने कहा- हम खुद करेंगे मामले की जांच
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: नाबालिग बच्चों से काम कराना अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन बिहार के सरकारी दफ्तर में बाल मजदूरी कानून की धज्जियां उड़ाई गयी। जहां तीन बच्चों से दवाइयों का कार्टन उठवाया गया। इन बच्चों की उम्र 9 साल से 13 साल के बीच थी।


पटना के गर्दनीबाग स्थित जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय का यह मामला हैं। जहां 3 नाबालिग बच्चे दवाइयों से भरे कार्टन को सिर पर रखकर ढोते दिखे। जब बच्चे थक गये तब साइकिल के पीछे रखकर कार्टन ढोने लगे। 


बच्चों से पांच सौ रुपये मजदूरी देने की बात की गयी। लेकिन तभी एक व्यक्ति की नजर मीडिया के कैमरे पर जाती है वह पेशे से मजदूर था उसने बच्चों को कहा कि अभी जाओं मीडिया के लोग चले जाएंगे तब फिर आना। बच्चों ने बताया कि हम सब पास में ही रहते हैं। बहुत गरीबी से जिन्दगी बसर कर रहे हैं। पढ़ने के लिए स्कूल नहीं जाते हैं जहां कोई काम मिलता है करते हैं। 


लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह नाबालिग बच्चों से काम लेना सही है। इस संबंध में जब पटना के सिविल सर्जन डॉ. श्रवण कुमार से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से मामला सामने आया है। यह बेहद संगीन मामला है हम खुद इस मामले की जांच करेंगे। संबंधित अधिकारी से भी जवाब मांगेंगे। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

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