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बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश का कहर, मौसम विभाग ने दी लोगों को घरों में रहने की सलाह

बिहार के 15 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी। वज्रपात और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित।

बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश का कहर, मौसम विभाग ने दी लोगों को घरों में रहने की सलाह
Tejpratap
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4 मिनट

Bihar Weather Update : बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन दूसरी ओर मौसम का यह बदला रूप कई जगहों पर परेशानी और खतरा भी बन गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार पूर्णिया, दरभंगा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो बिहार में सामान्य से 182 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी पटना समेत राज्य के अधिकतर हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए रहे और कई जगहों पर रुक-रुक कर बारिश होती रही। लगातार बदले मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में लगी फसल और सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

सबसे ज्यादा चिंता की बात वज्रपात की घटनाएं हैं। राज्य के अलग-अलग जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग झुलस गए हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास नहीं जाने की सलाह दी है। ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, क्योंकि वहां वज्रपात की घटनाएं अधिक हो रही हैं।

राज्य सरकार ने भी हालात को देखते हुए जिलों के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से लोगों को मोबाइल संदेशों और स्थानीय प्रशासन के माध्यम से लगातार जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। कई जिलों में एनडीआरएफ और आपदा राहत टीमों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बिहार में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है। फिलहाल 8 मई तक राज्य में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होगा और तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 8 मई के बाद राज्य में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ेगा और लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। किसानों को भी खेतों में काम करते समय सतर्क रहने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने को कहा गया है। बिहार में मौसम के इस बदले रूप ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और जागरूकता कितनी जरूरी है।