Bihar weather : बिहार में मानसून ने इस बार तय समय से पहले ही दस्तक देकर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा और सात जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। बारिश के साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को बिहार के 26 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज हवा, गरज-चमक के साथ बारिश और ठनका गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
कई जिलों में हुई अच्छी बारिश
गुरुवार को मानसून की सक्रियता के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। बारिश होने से जहां लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। धान की रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह बारिश काफी लाभदायक मानी जा रही है। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलजमाव की समस्या भी देखने को मिली। शहरी क्षेत्रों में सड़कें पानी से भर गईं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
26 जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं।
विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसूनी गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। यही वजह है कि अगले 24 घंटे तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
नमी और दबाव में बदलाव से सक्रिय हुआ मौसम
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को राज्य में हवा में नमी का स्तर करीब 41 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वहीं वायुमंडलीय दबाव 1005 हेक्टोपास्कल के आसपास बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि नमी और दबाव की यह स्थिति बारिश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। इसके चलते कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
ठनका बना जानलेवा
मानसून की बारिश के साथ आकाशीय बिजली की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। गुरुवार को राज्य के विभिन्न जिलों में ठनका गिरने से 10 लोगों की मौत होने की सूचना मिली है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बारिश के मौसम में वज्रपात कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खेतों में काम कर रहे किसानों को भी मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गरज-चमक की स्थिति में घरों के भीतर रहें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट और सरकारी निर्देशों का पालन करें। विभाग का मानना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा।
बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं ठनका और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।





