1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 27, 2026, 9:51:44 AM
- फ़ोटो
Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज अंतिम दिन है और सदन की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे शुरू हुई। सत्र के आखिरी दिन भी सदन में राजनीतिक सरगर्मी और विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का माहौल बना रहा। आज की कार्यवाही निर्धारित एजेंडे के अनुसार आगे बढ़ी और सदन में कई महत्वपूर्ण संसदीय प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले प्रश्नकाल लिया गया। प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा पूर्व में दिए गए तारांकित और अतारांकित प्रश्नों के उत्तर संबंधित मंत्रियों द्वारा प्रस्तुत किए गए। आज प्रश्नकाल में ऊर्जा विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, पर्यटन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, संसदीय कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा विधि विभाग से जुड़े सवाल प्रमुख रूप से शामिल रहे। विधायकों ने बिजली आपूर्ति की स्थिति, ट्रांसफार्मर बदलने में देरी, बाढ़ एवं सूखा राहत की तैयारियों, राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास, योजनाओं की प्रगति, सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता और लंबित न्यायिक मामलों जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल की सूचना पढ़ी गई। शून्यकाल के दौरान सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं को उठाने का प्रयास किया। कई विधायकों ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। इसके बाद कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की गई, लेकिन चूंकि यह बजट सत्र है, इसलिए नियमों के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव को मान्य नहीं माना गया। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र के दौरान निर्धारित कार्यसूची को प्राथमिकता दी जाती है।
इसके उपरांत ध्यान आकर्षण प्रस्ताव लिया गया। ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सदस्यों ने विशेष रूप से अपने क्षेत्रों से जुड़े तात्कालिक विषयों पर सरकार का ध्यान खींचा। संबंधित मंत्रियों ने इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सदन में इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, लेकिन कार्यवाही सुचारू रूप से चलती रही।
दोपहर में सदन की कार्यवाही को भोजन अवकाश के लिए स्थगित कर दिया गया। भोजन अवकाश के बाद जब कार्यवाही दोबारा शुरू होगी तो गैर-सरकारी सदस्यों के कार्य लिए जाएंगे। आज के दिन गैर-सरकारी संकल्प पर चर्चा निर्धारित है। इन संकल्पों के माध्यम से विपक्ष और अन्य सदस्यों को अपनी प्राथमिकताओं और सुझावों को सदन के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा। हालांकि ये संकल्प बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन सरकार के लिए नीति निर्धारण में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं।
बजट सत्र के अंतिम दिन होने के कारण पूरे सत्र की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए और विभिन्न विभागों के बजट पर चर्चा हुई। सरकार ने अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को सदन में रखा, वहीं विपक्ष ने जनहित के मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की।
आज के दिन सदन की कार्यवाही समाप्त होने के साथ ही बजट सत्र का समापन हो जाएगा। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि गैर-सरकारी संकल्पों पर कैसी चर्चा होती है और प्रश्नकाल में उठाए गए मुद्दों पर सरकार किस तरह की प्रतिक्रिया देती है। बजट सत्र का यह अंतिम दिन राज्य की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।