ब्रेकिंग
बिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूट

Bihar Teacher News: सरकार ने इन शिक्षकों के लिए खोला खजाना, 219 करोड़ रुपये की राशि मंजूर; खाते में जल्द आएंगे पैसे

Bihar Teacher News: संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन के लिए सरकार ने 219 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें से 72 करोड़ से अधिक राशि जारी भी कर दी गई है.

Bihar Teacher News
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Teacher News: बिहार सरकार ने संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन के लिए 219 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि अराजकीय संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ को वेतन मद में सहायक अनुदान के रूप में स्वीकृत की गई है।


सरकार ने इसमें से 72 करोड़ 49 लाख 77 हजार रुपये तुरंत जारी भी कर दिए हैं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने मंगलवार को इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जारी की गई राशि सीधे संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सैलरी का भुगतान केवल विधिवत स्वीकृत पदों पर कार्यरत कर्मियों को ही मिले।


डिप्टी सीएम ने कहा कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे भुगतान प्रक्रिया, लेखा-जोखा और उपयोगिता प्रमाण पत्र में पारदर्शिता रखें और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करें। सम्राट ने यह भी कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध संसाधन प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसका उद्देश्य है कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने वाले संस्थानों को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।


बता दें कि राज्य के विभिन्न जिलों में दर्जनों अराजकीय संस्कृत विद्यालय संचालित हैं, जहां कार्यरत शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतन नियोजित शिक्षकों के समान दिया जाता है। इसके लिए राज्य सरकार सहायक अनुदान मद से फंड उपलब्ध कराती है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता