Bihar Government : सुल्तानगंज का नाम बदलने की तैयारी तेज, अब इस नाम से जाना जाएगा यह शहर; सम्राट चौधरी ने दिया भरोसा

बिहार सरकार ने सुल्तानगंज में अजगैबीनाथ धाम के लिए नया एप्रोच रोड बनाने और शहर व रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की तैयारी पूरी कर ली है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 23 Feb 2026 03:12:39 PM IST

Bihar Government : सुल्तानगंज का नाम बदलने की तैयारी तेज, अब इस नाम से जाना जाएगा यह शहर; सम्राट चौधरी ने दिया भरोसा

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Bihar Government : बिहार सरकार ने भागलपुर जिले के सुल्तानगंज और वहां के प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा भोलेनाथ के भक्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और खुशखबरी दी है। नगर सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शहरवासियों को भरोसा दिया है कि निर्माणाधीन अगुवानी-अजगैबीनाथ धाम गंगा पुल से एक विशेष शहरी एप्रोच रोड बनाया जाएगा। इसका कार्य बहुत जल्द शुरू होने वाला है और इसे सुल्तानगंज शहर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।


नगर सभापति ने कहा कि यह नया एप्रोच रोड सुल्तानगंज शहर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अक्सर श्रद्धालुओं को मुख्य पुल से मंदिर तक पहुँचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। भीड़ और असुविधाजनक रास्तों के कारण लोगों को परेशानी होती थी, खासकर श्रावणी मेला के समय। लेकिन इस नई सड़क के निर्माण से श्रद्धालुओं और शहरवासियों के लिए आवागमन सरल और सुविधाजनक हो जाएगा। यह सड़क न केवल यातायात सुगमता बढ़ाएगी, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी मजबूती प्रदान करेगी।


इसके अलावा, सुल्तानगंज शहर का नाम बदलकर अजगैबीनाथ धाम रखने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नगर सभापति ने बताया कि बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही इस नाम बदलने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में लगी हुई हैं। नगर परिषद ने 19 जून 2024 को अपनी बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर सरकार को भेज दिया था। इसके लागू होने के बाद सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थलों पर नई तख्तियाँ “अजगैबीनाथ धाम” लिखी नजर आएंगी। इससे न सिर्फ धार्मिक महत्व को बल मिलेगा, बल्कि शहर की पहचान भी और मजबूत होगी।


विशेष रूप से सावन के महीने में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर भी सरकार ने विशेष तैयारी की है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आश्वासन दिया है कि इस बार मेला पहले से कहीं अधिक व्यवस्थित और भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। लाखों श्रद्धालु इस मेले में भाग लेने के लिए आते हैं और उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर देवघर की ओर जाते हैं। इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं और ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


सरकार ने मेला क्षेत्र में विभिन्न सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनाई है। इसमें श्रद्धालुओं के लिए आवास, पार्किंग, यातायात मार्गों का बेहतर प्रबंधन, स्वच्छता, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। साथ ही, गंगा नदी के किनारे और मंदिर तक जाने वाले रास्तों की मरम्मत और चौड़ीकरण किया जाएगा ताकि भीड़ के समय कोई परेशानी न हो।


नगर सभापति ने कहा कि नए एप्रोच रोड और नाम परिवर्तन से सुल्तानगंज का धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व और बढ़ जाएगा। यह न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन उद्योग को भी लाभ मिलेगा। सड़क और नाम परिवर्तन से शहर में आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि की संभावना है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी।


उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस शहर को धार्मिक पर्यटन का मॉडल बनाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में सुल्तानगंज में और भी विकास परियोजनाएं लाई जाएंगी, जिससे यह नगर पूरे बिहार में एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरे।


इस प्रकार, सुल्तानगंज के निवासी और बाबा भोलेनाथ के भक्त इस बदलाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। नए एप्रोच रोड का निर्माण, शहर और स्टेशन का नाम बदलना, और सावन मेले की बेहतर व्यवस्था, ये सभी कदम शहर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।


इस बार श्रावणी मेला निश्चित रूप से पहले से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित होगा, और नए रोड और नाम परिवर्तन के साथ यह स्थान पूरे बिहार और देशभर के श्रद्धालुओं के लिए और भी आकर्षक बन जाएगा। सुल्तानगंज की यह नई पहचान आने वाले समय में इसे धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।