Bihar Teacher Vacancy 2026 : बिहार के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य में वर्षों से चल रही गेस्ट फैकल्टी (अतिथि शिक्षक) व्यवस्था को खत्म करने की तैयारी शुरू हो गई है। अब शिक्षकों की नियुक्ति गेस्ट फैकल्टी की जगह फिक्स्ड टर्म फैकल्टी के रूप में की जाएगी।
राजभवन के निर्देश पर तैयार किए गए नए नियमों के ड्राफ्ट में शिक्षक चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत अभ्यर्थियों का चयन शैक्षणिक योग्यता, इंटरव्यू और डेमो क्लास के आधार पर किया जाएगा।
211 नए कॉलेजों में शुरू होगी बहाली प्रक्रिया
शैक्षणिक सत्र 2026-27 को समय पर शुरू करने के लिए राज्य में मिशन मोड पर शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया चलाने की तैयारी है। पहले चरण में बिहार के 211 नवनिर्मित राजकीय डिग्री कॉलेजों में फिक्स्ड टर्म फैकल्टी की नियुक्ति की जाएगी।
इन कॉलेजों में शुरुआत में छह प्रमुख विषयों की पढ़ाई शुरू करने की योजना है। इनमें हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र शामिल हैं।
नए नियमों का ड्राफ्ट तैयार, मांगे गए सुझाव
राजभवन के निर्देश पर तीन कुलपतियों की उच्चस्तरीय समिति ने ‘बिहार यूनिवर्सिटीज फिक्स्ड टर्म फैकल्टी इंगेजमेंट स्टेच्यूट-2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया है।
इस ड्राफ्ट को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सचिव को भेजा गया है। विश्वविद्यालयों से इस पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। सुझाव मिलने के बाद अंतिम नियमावली लागू की जाएगी।
100 अंकों की मेरिट से होगा चयन
प्रस्तावित नियम के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति 100 अंकों की मेरिट के आधार पर होगी। इसमें 88 अंक शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए और 12 अंक इंटरव्यू व डेमो क्लास के लिए निर्धारित किए गए हैं।
अभ्यर्थियों की मेरिट तैयार करने में मैट्रिक से लेकर पीएचडी तक की शैक्षणिक योग्यता को शामिल किया जाएगा।
मैट्रिक से पीजी तक मिलेंगे अंक
नए चयन नियम में मैट्रिक, इंटर, स्नातक और स्नातकोत्तर के अंकों को महत्व दिया गया है।
- मैट्रिक के लिए अधिकतम 10 अंक
- इंटर के लिए अधिकतम 12 अंक
- स्नातक के लिए अधिकतम 15 अंक
- पीजी के लिए अधिकतम 23 अंक
इसके अलावा उच्च डिग्री रखने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
नेट, पीएचडी और जेआरएफ को मिलेगा फायदा
प्रस्तावित नियमों में नेट, पीएचडी और एमफिल जैसी योग्यताओं के लिए भी अंक तय किए गए हैं।
- नेट अभ्यर्थियों को 10 अंक
- पीएचडी के लिए 10 अंक
- एमफिल के लिए 5 अंक
वहीं पीएचडी-नेट, एमफिल-जेआरएफ और पीएचडी-जेआरएफ करने वाले उम्मीदवारों को ज्यादा अंक मिलने का प्रावधान रखा गया है। पीएचडी-जेआरएफ अभ्यर्थियों को अधिकतम 28 अंक तक दिए जा सकते हैं।
इंटरव्यू और डेमो क्लास भी होगा निर्णायक
शिक्षक नियुक्ति में केवल डिग्री ही नहीं बल्कि पढ़ाने की क्षमता को भी महत्व दिया जाएगा। इसके लिए इंटरव्यू और डेमो क्लास के लिए कुल 12 अंक रखे गए हैं।
इंटरव्यू के लिए छह अंक और डेमो क्लास के लिए छह अंक निर्धारित होंगे। चयन समिति अभ्यर्थियों की विषय समझ और शिक्षण क्षमता का मूल्यांकन करेगी।
पारदर्शी बहाली के लिए बनेगी स्टीयरिंग कमेटी
शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की निगरानी के लिए उच्च शिक्षा विभाग और राज्यपाल सचिवालय के समन्वय से एक स्टीयरिंग कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी पूरी बहाली प्रक्रिया पर नजर रखेगी और चयन को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने का काम करेगी।
बिहार में उच्च शिक्षा क्षेत्र में यह बदलाव लंबे समय से चल रही अतिथि शिक्षक व्यवस्था की जगह स्थायी प्रक्रिया की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नए नियम लागू होने के बाद शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह नई व्यवस्था के अनुसार होगी।





