Bihar Police : बिहार में स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘अभया ब्रिगेड’ यानी ‘पुलिस दीदी’ अब शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष रूप से सक्रिय नजर आएगी। महिला पुलिसकर्मियों की टीमें स्कूल-कॉलेजों के खुलने और छुट्टी होने के समय संवेदनशील इलाकों में गश्त करेंगी।
भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिले में शुक्रवार को ‘पुलिस दीदी’ टीम ने विशेष अभियान चलाकर इस पहल की प्रभावी शुरुआत का संदेश दिया। टीमों ने बालिका विद्यालयों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, बाजारों, प्रमुख चौराहों, पार्कों और बस स्टैंड जैसे स्थानों पर पेट्रोलिंग की। पुलिस की मौजूदगी का उद्देश्य केवल सुरक्षा देना ही नहीं, बल्कि छात्राओं और महिलाओं के बीच यह भरोसा पैदा करना है कि किसी भी परेशानी की स्थिति में वे बेझिझक पुलिस की मदद ले सकती हैं।
स्कूल-कॉलेज के बाहर मनचलों पर रहेगी नजर
शिक्षण संस्थानों के आसपास अक्सर छुट्टी के समय बड़ी संख्या में युवक जमा रहते हैं। ऐसे स्थानों पर छेड़खानी, फब्तियां कसने, पीछा करने या छात्राओं को परेशान करने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। अब ऐसे संवेदनशील स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की विशेष निगरानी रहेगी।
‘अभया ब्रिगेड’ की टीम पैदल और बाइक से पेट्रोलिंग करेगी। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ तेज रफ्तार बाइक चलाने वालों और बेवजह घूमने वाले संदिग्ध युवकों की भी जांच की जाएगी। पुलिस का मकसद साफ है—बेटियों के रास्ते में डर पैदा करने वालों पर शिकंजा और छात्राओं के मन में सुरक्षा का भरोसा।
छात्राओं से सीधे संवाद पर भी जोर
पुलिस दीदी अभियान की खास बात यह है कि इसमें केवल गश्त तक सीमित रहने के बजाय महिला पुलिसकर्मी छात्राओं से सीधे संवाद भी करेंगी। उन्हें बताया जाएगा कि छेड़छाड़, पीछा करने, धमकी, मानसिक प्रताड़ना या किसी अन्य परेशानी की स्थिति में चुप रहने की जरूरत नहीं है।
छात्राओं को आपातकालीन सहायता के लिए डायल-112 की जानकारी दी जाएगी। पुलिस उन्हें यह भी समझाएगी कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाई जा सकती है। शिकायत करने वाली छात्रा या महिला की पहचान को गोपनीय रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा भी दिया जाएगा।
पूरे बिहार में महिला सुरक्षा पर फोकस
‘पुलिस दीदी’ अभियान को केवल नवगछिया तक सीमित पहल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। बिहार में महिला और छात्रा सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। अलग-अलग जिलों में महिला पुलिसकर्मियों की टीमों के माध्यम से स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
इससे खासकर उन छात्राओं को राहत मिल सकती है, जिन्हें रोजाना पढ़ाई के लिए घर से दूर जाना पड़ता है। छोटे शहरों और कस्बों से लेकर बड़े शहरी इलाकों तक शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षित वातावरण बनाना इस अभियान की बड़ी जरूरत है।
अभिभावकों से भी सहयोग की अपील
पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का मानना है कि केवल पुलिस की मौजूदगी से महिला सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो सकती। समाज, स्कूल-कॉलेज प्रशासन, अभिभावक और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
‘अभया ब्रिगेड’ की लगातार पेट्रोलिंग से पुलिस का संदेश स्पष्ट है—बिहार की बेटियां बिना डर स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाएं और सार्वजनिक स्थानों पर सम्मान के साथ आवाजाही कर सकें। आने वाले दिनों में इस अभियान को और प्रभावी बनाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर जोर रहेगा।





