ब्रेकिंग
NEET से BPSC तक ‘सेटिंग’ का मास्टरमाइंड! BARC कर्मी रौशन के 25 लाख वाले खेल का खुलासाBihar News : 38 लाख वेतन... फिर करोड़ों की संपत्ति! बिहार के DPO के घर EOU पहुंची तो जमीन-मकान और गहनों की खुली परतेंBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम! पटना समेत 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसमपटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्टBJP विधायक की हत्या की साजिश! जेल अधीक्षक समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज; गुमनाम पत्र ने खोला राजNEET से BPSC तक ‘सेटिंग’ का मास्टरमाइंड! BARC कर्मी रौशन के 25 लाख वाले खेल का खुलासाBihar News : 38 लाख वेतन... फिर करोड़ों की संपत्ति! बिहार के DPO के घर EOU पहुंची तो जमीन-मकान और गहनों की खुली परतेंBihar weather : बिहार में फिर बदलेगा मौसम! पटना समेत 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसमपटना में डेंगू का खतरा बढ़ा: अगस्त के पहले सप्ताह में ही मिले 19 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्टBJP विधायक की हत्या की साजिश! जेल अधीक्षक समेत चार के खिलाफ FIR दर्ज; गुमनाम पत्र ने खोला राज

Bihar Panchayat Tax: बिहार के गांवों में अब लगेगा टैक्स? पानी-सफाई से लेकर बैनर तक पर देना होगा पैसा

Bihar Panchayat Tax: बिहार के गांवों में पानी, सफाई, होल्डिंग टैक्स और बैनर-होर्डिंग पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा गया है।

Bihar Panchayat Tax
Bihar Panchayat Tax
© Ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Panchayat Tax : बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार गांवों की पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नई टैक्स व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी नगर निकायों की तर्ज पर कुछ सेवाओं और सुविधाओं पर कर (टैक्स) लगाया जा सकता है।


पंचायती राज विभाग की ओर से इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर राज्य कैबिनेट को भेजा गया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद बिहार की सभी ग्राम पंचायतों में नई व्यवस्था लागू हो सकती है। प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पानी के उपयोग और भवनों से जुड़े टैक्स की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है।


पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना

सरकार का उद्देश्य पंचायतों की अपनी आय बढ़ाना है, ताकि गांवों में विकास कार्यों के लिए केवल केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली राशि पर निर्भरता कम हो सके। वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार पंचायतों को अपनी आमदनी के स्रोत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।


प्रस्ताव में पंचायतों को घरों और दुकानों से कर वसूलने का अधिकार देने की बात कही गई है। इससे पंचायतें स्थानीय स्तर पर सफाई, पानी और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगी।


घर और दुकानों पर लगेगा अलग-अलग टैक्स

नई व्यवस्था में आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए अलग-अलग टैक्स तय किए जाने की संभावना है। घरों पर लगने वाला कर अपेक्षाकृत कम होगा, जबकि दुकानों और व्यावसायिक भवनों से अधिक शुल्क लिया जा सकता है।


इसके अलावा भवन की स्थिति, बाजार क्षेत्र, मुख्य सड़क या गली में होने के आधार पर भी टैक्स की दर अलग हो सकती है। पंचायत क्षेत्र के बाजार इलाकों में स्थित भवनों पर दूर-दराज के गांवों की तुलना में ज्यादा कर लगाया जा सकता है।


बैनर और होर्डिंग लगाने पर भी देना होगा शुल्क

प्रस्ताव में पंचायत क्षेत्र में सरकारी या निजी भवनों पर होर्डिंग और बैनर लगाने के लिए शुल्क लेने की व्यवस्था भी शामिल है। यानी गांवों में प्रचार सामग्री लगाने के लिए भी निर्धारित राशि पंचायत को देनी पड़ सकती है।


पीएम आवास योजना के लाभुकों को राहत

गरीब परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए घरों का होल्डिंग टैक्स संबंधित विभाग की ओर से जमा किया जाएगा। ऐसे लाभुकों पर सीधे आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।


बिहार में 45 हजार से ज्यादा गांव और 8 हजार से अधिक पंचायतें

बिहार में करीब 45 हजार 103 गांव और 8 हजार 53 ग्राम पंचायतें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी 10 करोड़ से अधिक बताई जाती है। इतनी बड़ी ग्रामीण आबादी के लिए पंचायतों को मजबूत आर्थिक व्यवस्था देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है।


अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगा। अगर प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो बिहार के गांवों में टैक्स व्यवस्था का नया दौर शुरू हो सकता है।